
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे (Indian Railways) से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए बेहद जरूरी खबर है। अगर आप भी कभी-कभार जल्दबाजी में या जानबूझकर ‘बिना टिकट’ (Ticketless Travel) ट्रेन में चढ़ जाने की आदत रखते हैं, तो अब यह गलती आपकी जेब पर भारी पड़ने वाली है। रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) ने रेलवे अधिनियम के तहत लगने वाले जुर्माने की न्यूनतम राशि को सीधे दोगुना कर दिया है। सरकार की ओर से जारी आधिकारिक ‘गजट नोटिफिकेशन’ (Gazette Notification) के तहत नए नियम देशभर में तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।

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धारा 137: धोखाधड़ी से यात्रा पर अब ₹500 का न्यूनतम जुर्माना
नए गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक, रेलवे अधिनियम की धारा 137 (Section 137) में बड़ा संशोधन किया गया है। यह धारा बिना किसी वैध टिकट या पास के, रेलवे को धोखा देने की नीयत से यात्रा करने वालों पर लगाई जाती है। पहले इस मामले में पकड़े जाने पर यात्री को तय किराए के साथ न्यूनतम 250 रुपये का जुर्माना देना पड़ता था। अब इस न्यूनतम पेनाल्टी को बढ़ाकर सीधे 500 रुपये कर दिया गया है। यानी अब बिना टिकट पकड़े जाने पर टिकट का किराया अलग और 500 रुपये की पेनाल्टी अलग से चुकानी होगी।
धारा 138: तय दूरी से आगे जाने पर भी कटेगी दोगुनी जेब
अक्सर देखा जाता है कि यात्री कम दूरी का जनरल टिकट लेकर लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों में सफर करते हैं या अपने निर्धारित स्टेशन से आगे तक चले जाते हैं। ऐसे मामलों से निपटने के लिए रेलवे एक्ट की धारा 138 (Section 138) के तहत कार्रवाई होती है। इसमें भी न्यूनतम जुर्माने की राशि को 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, यदि कोई यात्री ‘लोअर क्लास’ का टिकट लेकर ‘अपर क्लास’ (जैसे स्लीपर का टिकट लेकर AC कोच में) सफर करता पाया गया, तो उस पर भी यही दोगुना जुर्माना लागू होगा।
आखिर रेलवे को क्यों उठाना पड़ा यह सख्त कदम?
बीते कुछ समय से ट्रेनों के स्लीपर और थर्ड-एसी (3AC) कोचों में बिना टिकट या ‘वेटिंग/जनरल टिकट’ वाले यात्रियों के घुसने की शिकायतें सोशल मीडिया पर बाढ़ की तरह आ रही थीं। इससे पहले से कन्फर्म टिकट लेकर यात्रा करने वाले वैध यात्रियों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा था। इसके अलावा रेलवे को सालाना करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा था। रेलवे बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि जुर्माने की राशि बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य टिकटलेस यात्रियों में मनोवैज्ञानिक डर पैदा करना और ट्रेनों को ओवरक्राउडिंग (अत्यधिक भीड़) से बचाना है।
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स्टेशनों और ट्रेनों में चलेगा ‘मेगा चेकिंग अभियान’
इस नए गजट नोटिफिकेशन के जारी होते ही सभी रेलवे जोन्स के कमर्शियल विभाग, टीटीई (TTE) स्टाफ और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को हाई अलर्ट कर दिया गया है। अब रेलवे स्टेशनों के प्रवेश द्वारों से लेकर चलती ट्रेनों के अंदर तक ‘स्पेशल टिकट चेकिंग ड्राइव’ चलाई जाएगी। रेलवे प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी और सहयात्रियों की गरिमा व सुविधा के लिए हमेशा उचित और वैध टिकट लेकर ही अपनी यात्रा शुरू करें।

