नागपुर/जमशेदपुर। भारतीय रेलवे में अक्सर यात्रियों का सामान छूटने या चोरी होने की शिकायतें मिलती हैं, लेकिन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के नागपुर मंडल से एक ऐसी सकारात्मक खबर सामने आई है, जो रेलवे कर्मचारियों की ईमानदारी और सेवाभाव को सलाम करने पर मजबूर कर देगी। ड्यूटी पर तैनात एक मुख्य टिकट निरीक्षक (CTI) ने अपनी सतर्कता और आधुनिक तकनीक (HHT) का बेहतरीन उपयोग करते हुए एक महिला यात्री की छूटी हुई बहुमूल्य सोने की बाली को सुरक्षित वापस लौटाकर “यात्री सेवा सर्वोपरि” के नारे को सच कर दिखाया है। यह घटना टाटानगर से होकर गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनों के यात्रियों के लिए भी रेलवे व्यवस्था पर भरोसे को मजबूत करने वाली है।
एसी फर्स्ट क्लास (H1) में मिली थी सोने की बाली
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 30 मार्च 2026 को मुख्य टिकट निरीक्षक (CTI) श्री राज कुमार गाड़ी संख्या 20846 (बीकानेर-बिलासपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस) में ट्रेन कैप्टन के रूप में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। नागपुर स्टेशन से ट्रेन के खुलने के बाद जब वे नियमित टिकट चेकिंग और कोच निरीक्षण के लिए एसी प्रथम श्रेणी (H1) के ‘एफ’ केबिन में पहुंचे, तो उनकी नजर वहां की प्रयुक्त बेडशीट पर पड़ी। वहां किसी यात्री की बहुमूल्य सोने की बाली छूटी हुई थी।
स्थिति की गंभीरता और आभूषण के मूल्य को समझते हुए श्री राज कुमार ने तुरंत कोच अटेंडेंट को बुलाया। उन्होंने बेडशीट को सुरक्षित हटवाकर उस सोने की बाली को अपने संरक्षण में ले लिया ताकि वह किसी गलत हाथ में न पड़े।
HHT मशीन और व्हाट्सएप से खोज निकाला यात्री को
बाली सुरक्षित करने के बाद श्री राज कुमार ने रेलवे की आधुनिक हैंड हेल्ड टर्मिनल (HHT) मशीन का इस्तेमाल किया। उन्होंने मशीन में उस केबिन के यात्रियों का पूरा विवरण (PNR Details) जांचा। जांच में पता चला कि जिस महिला यात्री की यह बाली हो सकती है, वे नागपुर स्टेशन पर ही उतर चुकी थीं।
बिना समय गंवाए CTI राज कुमार ने HHT में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। फोन यात्री के पति ने उठाया और पुष्टि की कि उनकी पत्नी की सोने की बाली सफर के दौरान वास्तव में खो गई है। पहचान सुनिश्चित करने के लिए श्री राज कुमार ने व्हाट्सएप (WhatsApp) पर उस बाली की तस्वीर भेजी, जिसे देखकर यात्री ने तुरंत अपने आभूषण की पहचान कर ली। यह यात्री कोई और नहीं, बल्कि मध्य रेलवे की ही डीएमओ (DMO) डॉ. सयाली थीं।
गीतांजलि एक्सप्रेस में लौटते समय किया सुपुर्द
यात्री को पूरी तरह आश्वस्त करने के बाद श्री राज कुमार ने उन्हें बताया कि 31 मार्च 2026 को उनकी वापसी ड्यूटी हावड़ा-टाटानगर-मुंबई रूट की प्रमुख ट्रेन गाड़ी संख्या 12860 (गीतांजलि एक्सप्रेस) में है और वे नागपुर स्टेशन से गुजरेंगे। तय समय के अनुसार, मंगलवार (31 मार्च 2026) को जब गीतांजलि एक्सप्रेस नागपुर स्टेशन पहुंची, तो डॉ. सयाली द्वारा भेजे गए उनके प्रतिनिधि को यह कीमती सोने की बाली पूरी कागजी औपचारिकता के साथ सुरक्षित सौंप दी गई।
रेलवे के उच्च अधिकारियों ने की जमकर तारीफ
CTI श्री राज कुमार की इस ईमानदारी और तत्परता की नागपुर मंडल में खूब चर्चा हो रही है। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री दीपक कुमार गुप्ता और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) श्री दिलीप सिंह ने उनके इस सराहनीय कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे उत्कृष्ट कार्य भारतीय रेलवे की छवि को निखारते हैं और यात्रियों के मन में सुरक्षा और विश्वास की भावना को बढ़ाते हैं। उन्होंने मंडल के अन्य सभी कर्मचारियों को भी इसी तरह कर्तव्यनिष्ठा और सजगता से काम करने की नसीहत दी है।




