जमशेदपुर। लौहनगरी जमशेदपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों से सफर करने वाले रेल यात्री इन दिनों ट्रेनों की भारी लेटलतीफी से त्रस्त हैं। टाटानगर स्टेशन से होकर गुजरने वाली और यहाँ से खुलने वाली अधिकांश यात्री रेलगाड़ियाँ अपने निर्धारित समय से घंटों पीछे चल रही हैं। इस अव्यवस्था और रेलवे प्रशासन की घोर लापरवाही के खिलाफ अब स्थानीय स्तर पर आक्रोश फूट पड़ा है। यात्रियों की इस गंभीर समस्या को उठाते हुए जनता दल यूनाइटेड (जदयू/JDU) ने रेलवे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आगामी 7 अप्रैल को जमशेदपुर (टाटानगर) रेलवे स्टेशन के सामने एक विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा।
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विधायक सरयू राय ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
इस बड़े आंदोलन की जानकारी जमशेदपुर (पश्चिम) के विधायक सरयू राय ने स्वयं अपने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से दी है। उन्होंने अपनी साइट पर स्पष्ट रूप से लिखा है कि: “जमशेदपुर आने-जाने वाली यात्री रेलगाड़ियों को बेतहाशा लेट चलाने के विरोध में आगामी 7 अप्रैल को जमशेदपुर स्टेशन के सामने धरना दिया जाएगा। अजय कुमार, नगर अध्यक्ष, जदयू इस धरने के संयोजक होंगे। रेल यात्रियों की पीड़ा और आक्रोश से रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) को अवगत कराना इस धरना का मुख्य उद्देश्य है।”
जदयू नगर अध्यक्ष अजय कुमार के नेतृत्व में होगा धरना
लगातार लेट हो रही ट्रेनों के कारण आम जनता, छात्रों, मरीजों और व्यापारियों को हो रही भारी परेशानियों को देखते हुए यह धरना आयोजित किया जा रहा है। इस विरोध प्रदर्शन के संयोजक जदयू के नगर अध्यक्ष अजय कुमार होंगे। उनके नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता और त्रस्त रेल यात्री स्टेशन परिसर के बाहर रेलवे की लचर कार्यप्रणाली के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। अजय कुमार ने बताया कि रेलवे की इस घोर लापरवाही ने यात्रियों का सफर एक दुःस्वप्न बना दिया है और अब चुप बैठने का समय खत्म हो गया है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तक यात्रियों का आक्रोश पहुंचाना है मुख्य उद्देश्य
इस एक दिवसीय धरने का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार और विशेषकर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को टाटानगर के यात्रियों की पीड़ा और जमीनी हकीकत से अवगत कराना है। आयोजकों का कहना है कि रेलवे की ओर से यात्री सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें बेतहाशा लेट चल रही हैं। इस धरने के माध्यम से रेल मंत्री को यह कड़ा संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि यदि ट्रेनों के परिचालन में तत्काल सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में यह आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।
यात्रियों की परेशानी चरम पर
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से टाटानगर (जमशेदपुर) रूट पर ट्रेनों का शेड्यूल पूरी तरह से पटरी से उतर चुका है। घंटों लेट चलने के कारण स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो जाती है और उन्हें बुनियादी सुविधाओं के अभाव में रातें गुजारनी पड़ती हैं। जदयू ने शहर के सभी सामाजिक संगठनों और आम रेल यात्रियों से अपील की है कि वे 7 अप्रैल को होने वाले इस धरने में भारी संख्या में शामिल होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं, ताकि रेलवे प्रशासन कुंभकर्णी नींद से जाग सके।



