
जमशेदपुर: कोल्हान विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले शहर के प्रमुख और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान, एल.बी.एस.एम. कॉलेज (LBSM College) में शिक्षक संघ की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मौसमी पॉल की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस विशेष बैठक में महाविद्यालय के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय सरोकारों से जुड़े कई गंभीर विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान सर्वसम्मति से कई ऐसे ऐतिहासिक और प्रेरणादायक निर्णय लिए गए, जो न केवल कॉलेज के लिए बल्कि पूरे समाज और यहां पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा उदाहरण पेश करेंगे। शिक्षक समाज का दर्पण होते हैं, और इस बैठक में लिए गए फैसले इसी आदर्श को स्थापित करते हैं।

पर्यावरण संरक्षण के लिए अनूठी पहल: साइकिल और कारपूल का होगा उपयोग
आज के दौर में ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन और बढ़ता प्रदूषण पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। इसी पर्यावरणीय संकट को ध्यान में रखते हुए एल.बी.एस.एम. कॉलेज के शिक्षक संघ ने एक शानदार पहल की है। बैठक में यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत (Energy Conservation) के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए, सप्ताह में एक दिन सभी शिक्षक प्रदूषण मुक्त यातायात के साधनों का उपयोग करेंगे। इस दिन सभी शिक्षक पैदल, साइकिल (Cycling) अथवा कारपूल (Carpool) के माध्यम से ही महाविद्यालय पहुंचेंगे। संघ का मानना है कि इस कदम से न केवल ईंधन की भारी बचत होगी, बल्कि विद्यार्थियों के बीच पर्यावरण के प्रति जागरूकता का एक बेहद सकारात्मक संदेश भी जाएगा।
भारतीय संस्कृति को बढ़ावा: सप्ताह में एक दिन पहनेंगे पारंपरिक परिधान
पश्चिमी सभ्यता के बढ़ते प्रभाव के बीच अपनी जड़ों और संस्कारों से जुड़े रहने के उद्देश्य से शिक्षक संघ ने एक और बड़ा फैसला लिया है। भारतीय संस्कृति, सभ्यता और हमारी महान परंपराओं (Indian Culture and Traditions) का पूर्ण सम्मान करते हुए यह तय किया गया है कि सप्ताह में कम से कम एक दिन कॉलेज के सभी शिक्षक भारतीय पारंपरिक परिधान (Traditional Dress) में ही महाविद्यालय आएंगे। शिक्षकों की यह पहल युवाओं और विद्यार्थियों को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने और उसे आगे भी सहेज कर रखने के लिए प्रेरित करेगी।
शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए बनेगी ‘वेलफेयर सोसाइटी’
महाविद्यालय में शिक्षकों के कल्याण, उनके हितों की रक्षा और उनके परिवारों के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखते हुए बैठक में ‘वेलफेयर सोसाइटी’ (कल्याण समिति) के गठन का भी एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। यह समिति मुख्य रूप से शिक्षकों के सामाजिक, आर्थिक और मानवीय सहयोग से संबंधित विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों को संचालित करने का कार्य करेगी। किसी भी प्रकार की विपत्ति या आपात स्थिति के दौरान यह सोसाइटी शिक्षकों के लिए एक मजबूत ढाल और संबल के रूप में काम करेगी।
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हर महीने होगी बैठक, संवाद से निकलेगा विकास का रास्ता
कॉलेज के चहुंमुखी विकास और पठन-पाठन के स्तर को और अधिक बेहतर व आधुनिक बनाने के लिए संघ ने यह तय किया है कि अब से शिक्षक संघ की बैठक प्रत्येक माह नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। इससे शिक्षकों के बीच निरंतर संवाद बना रहेगा, आपसी समन्वय और सहयोग बढ़ेगा, तथा संस्थान के विकास से जुड़े नए विचारों और मुद्दों पर खुले मन से विचार-विमर्श हो सकेगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से विजय प्रकाश, विनय कुमार गुप्ता, दीपांजय श्रीवास्तव, अरविंद प्रसाद पंडित, संतोष राम और सुष्मिता धारा सहित कई अन्य वरिष्ठ शिक्षकगण मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में बिनोद कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी शिक्षकों के सक्रिय सहयोग, उनके रचनात्मक सुझावों और इस बैठक में पूर्ण सहभागिता के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।


