देवघर : सुगम जलार्पण पर जोर विश्व प्रसिद्ध बाबा वैद्यनाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुगमता और सुरक्षा को लेकर स्थानीय प्रशासन अब और भी गंभीर नजर आ रहा है। उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में आज समाहरणालय में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बाबा मंदिर की गरिमा के अनुरूप श्रद्धालुओं को बिना किसी बाधा के सुगम जलार्पण कराना और मंदिर की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना था। उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करें ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी स्तर पर परेशानी का सामना न करना पड़े।
भीड़ नियंत्रण और वीआईपी पूजा पर विशेष चर्चा
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक सौरभ और बाबा मंदिर प्रभारी सह अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार की उपस्थिति में क्राउड मैनेजमेंट (भीड़ प्रबंधन) पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने निर्देश दिया कि मंदिर में उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाए जाएं। इसके अलावा ‘शीघ्र दर्शनम’ व्यवस्था और वीआईपी पूजा को लेकर भी विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। प्रशासन का लक्ष्य है कि आम श्रद्धालुओं को कतारों में कम से कम समय बिताना पड़े और मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल न बने।
नया फुटओवर ब्रिज और बुनियादी ढांचे का विकास
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर बल दिया गया। बैठक में नए फुटओवर ब्रिज के निर्माण और क्लॉक रूम की व्यवस्था को लेकर गहन चर्चा हुई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए और इसे समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। श्रद्धालुओं के सामान की सुरक्षा के लिए आधुनिक क्लॉक रूम की सुविधा को और भी बेहतर बनाने का खाका तैयार किया गया है।
बढ़ती गर्मी और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सख्त निर्देश
झारखंड में बढ़ती गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और बचाव को प्राथमिकता दी गई है। नमन प्रियेश लकड़ा ने आदेश दिया कि मंदिर प्रांगण और कतार क्षेत्र में नियमित रूप से जल का छिड़काव किया जाए ताकि फर्श ठंडा रहे। इसके साथ ही स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और चिकित्सा शिविरों को सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को हर समय अलर्ट रहने को कहा गया है।
पंडा धर्मरक्षिणी सभा ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
इस महत्वपूर्ण बैठक में पंडा धर्मरक्षिणी सभा के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। सभा के अध्यक्ष सुरेश भारद्वाज और महामंत्री निर्मल झा ने श्रद्धालुओं के हित में कई अहम सुझाव उपायुक्त के समक्ष रखे। उन्होंने मंदिर की परंपराओं और व्यवस्थाओं के बीच संतुलन बनाए रखने की बात कही। उपायुक्त ने इन सुझावों पर सकारात्मक संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक के अंत में सभा द्वारा एक ज्ञापन भी सौंपा गया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष और विभिन्न विभागों के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।






