जमशेदपुर।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित हो चुके हैं और हर तरफ मेधावी छात्रों की सफलता की चर्चा है। इसी कड़ी में वरीय पत्रकार जितेंद्र कुमार के होनहार पुत्र प्रितेश कुमार ने अपनी असाधारण प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 10वीं बोर्ड परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। प्रितेश की इस शानदार और प्रेरणादायक उपलब्धि से न केवल उनके परिवार में खुशी की लहर है, बल्कि पूरे क्षेत्र और परिचितों के बीच हर्ष और उल्लास का माहौल है।
यूट्यूब और सेल्फ-स्टडी बना सफलता का मूलमंत्र
आज के समय में जहां महंगी कोचिंग और ट्यूशन को सफलता के लिए एक तरह से अनिवार्य मान लिया गया है, वहीं प्रितेश ने एक नई मिसाल कायम की है। उन्होंने बिना किसी कोचिंग या ट्यूशन का सहारा लिए यह मुकाम हासिल किया है। प्रितेश ने अपनी परीक्षा की तैयारी के लिए आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘यूट्यूब’ का बेहद सकारात्मक तरीके से इस्तेमाल किया। यूट्यूब पर उपलब्ध शैक्षणिक सामग्री और निरंतर सेल्फ-स्टडी (स्वाध्याय) के बल पर उन्होंने यह साबित कर दिया कि अगर छात्र में सच्ची लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो बिना भारी-भरकम फीस चुकाए भी टॉप किया जा सकता है।
विषयवार शानदार प्रदर्शन और AI में शत-प्रतिशत अंक
प्रितेश ने विभिन्न विषयों में बेहतरीन अंक प्राप्त किए हैं, जो उनकी मेहनत और विषय पर पकड़ को दर्शाते हैं। उनके विषयवार अंक इस प्रकार हैं:
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): 100 अंक
संस्कृत: 98 अंक
अंग्रेज़ी: 93 अंक
विज्ञान: 92 अंक
सामाजिक विज्ञान: 87 अंक
गणित (स्टैंडर्ड): 79 अंक
विशेषकर आज के आधुनिक दौर के सबसे महत्वपूर्ण विषय ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ में पूरे 100 अंक और संस्कृत जैसे विषय में 98 अंक लाना उनकी कुशाग्र बुद्धि का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
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माता-पिता को दिया सफलता का श्रेय
अपनी इस अपार सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए प्रितेश ने इसका पूरा श्रेय अपने माता-पिता के निरंतर प्रोत्साहन, शिक्षकों के उचित मार्गदर्शन और अपनी दिन-रात की कड़ी मेहनत को दिया है। उनका कहना है कि इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों में ज्ञान का असीमित भंडार है, बस जरूरत है कि छात्र अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसका अनुशासित तरीके से उपयोग करें।
भविष्य का लक्ष्य: पब्लिक सर्विस में बनाना है करियर
प्रितेश ने अपने भविष्य की रूपरेखा भी अभी से तैयार कर ली है। उन्होंने बताया कि आगे की पढ़ाई के लिए वे कक्षा 11 में ह्यूमैनिटीज़ (कला संकाय) के साथ गणित विषय का चयन करेंगे। उनका अंतिम लक्ष्य अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद पब्लिक सर्विस (सरकारी/प्रशासनिक सेवा) में अपना करियर बनाना है, ताकि वे सिस्टम का हिस्सा बनकर समाज और देश की बेहतर सेवा कर सकें।
पत्रकार पिता का युवाओं को प्रेरक संदेश
बेटे की इस शानदार कामयाबी पर गर्व महसूस करते हुए वरीय पत्रकार जितेंद्र कुमार ने अपनी खुशी साझा की। उन्होंने कहा कि बच्चों को सफलता के लिए सिर्फ सही दिशा और अनुशासन की आवश्यकता होती है। लगन, कठिन परिश्रम और सही दिशा में किए गए निरंतर प्रयास से बिना ट्यूशन के भी सफलता प्राप्त करना पूरी तरह संभव है। उन्होंने समाज के अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित करते हुए यह अहम संदेश दिया कि वे मोबाइल और आधुनिक डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल केवल मनोरंजन के लिए न करें, बल्कि इसका सकारात्मक उपयोग कर अपने करियर और भविष्य को नई ऊंचाइयां प्रदान करें।




