
देवघर, 13 जुलाई: देवघर समाहरणालय सभागार में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) के न्यास परिषद् की बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता देवघर के उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने की। बैठक में दुमका सांसद नलिन सोरेन, देवघर विधायक सुरेश पासवान के साथ-साथ कई माननीय मंत्रियों, विधायकों के प्रतिनिधि और संबंधित पंचायतों के मुखिया मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

योजनाओं की प्रगति की समीक्षा और समय सीमा पर जोर
बैठक के दौरान उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत किए जा रहे विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने मौके पर उपस्थित संबंधित विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों को पूरी तरह से गुणवत्तापूर्ण तरीके से और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए। उपायुक्त और उपस्थित सदस्यों को अब तक चयनित योजनाओं के साथ-साथ उनकी कार्य प्रगति की विस्तृत जानकारी से अवगत कराया गया।
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विकास कार्यों में पारदर्शिता और प्राथमिकताओं का निर्धारण
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) के तहत प्रभावित क्षेत्रों के बेहतर विकास के लिए योजनाओं का चयन पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय परिवेश और ग्रामीणों की आवश्यकताओं के अनुसार ही योजनाओं का चयन हो ताकि वास्तविक विकास संभव हो सके।
इसके साथ ही उपायुक्त ने DMFT फंड की राशि को दो मुख्य भागों में बांटकर खर्च करने का निर्देश दिया
उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्र पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, और महिला शिक्षा।
अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्र बुनियादी ढांचे से जुड़े अन्य विकास कार्य।
महत्वपूर्ण निर्देश योजनाओं का चयन ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के आपसी सहयोग एवं समन्वय से पारदर्शी तरीके से किया जाए।
करौ, सारठ और पालोजोरी के लिए विशेष स्वीकृतियां
इस बैठक में करौ, सारठ और पालोजोरी प्रखंड (ब्लॉक) के अंतर्गत समेकित विकास से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इन तीनों ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल के लिए कंगारू मदर केयर यूनिट (Kangaroo Mother Care Unit) की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
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साइबर सुरक्षा और AI ट्रेनिंग के लिए बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
डिजिटल युग की मांग को देखते हुए खनन प्रभावित क्षेत्र के बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया। बैठक में इन क्षेत्रों के बच्चों को साइबर सुरक्षा (Cyber Security) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में विशेष प्रशिक्षण देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Center of Excellence) की स्थापना की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा, खनन प्रभावित क्षेत्रों के सटीक पंचायतों और गांवों की सूची संकलित करने के लिए एक विस्तृत सर्वे कराने का भी निर्णय लिया गया।
इस उच्च स्तरीय बैठक में उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, डीएफओ अभिषेक भूषण, जिला योजना पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, हेडक्वार्टर डीएसपी, संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंता (पेयजल) और सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी सहित DMFT की टीम उपस्थित थी।


