
पारस सिंह झा
देवघर : जिले में सरकारी बकाया राशि की वसूली और राजस्व संग्रह को लेकर देवघर जिला प्रशासन पूरी तरह से रेस हो गया है। इसी कड़ी में 11 मई को उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में नीलाम पत्र वादों (Certificate Cases) से संबंधित एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों में लंबित पड़े नीलाम पत्र वादों की वर्तमान स्थिति की बिंदुवार और गहन समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सरकारी राजस्व वसूली में तेजी लाने का सख्त निर्देश दिया है।
बकायेदारों पर गिरेगी गाज, जारी होगा वारंट
बैठक के दौरान उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जो भी बकायेदार नोटिस मिलने के बावजूद सरकारी बकाया राशि जमा नहीं कर रहे हैं, उनके विरुद्ध अब रियायत नहीं बरती जाएगी। ऐसे डिफाल्टरों के खिलाफ अविलंब वारंट निर्गत करने और अन्य वैधानिक तथा कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू करने की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी बकाया राशि की वसूली में किसी भी प्रकार की शिथिलता या बहानेबाजी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लंबे समय से लंबित मामलों का हो त्वरित निष्पादन
उपायुक्त ने सभी अंचलाधिकारियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे ऐसे मामलों की पहचान करें जो बहुत लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि इन पुराने मामलों को चिन्हित कर नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द बंद किया जाए। लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन कर वसूली की प्रक्रिया में तेजी लाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
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15 दिनों के अंदर देना होगा प्रोग्रेस रिपोर्ट
विभिन्न विभागों के नीलाम पत्र वादों पर विस्तृत चर्चा करते हुए उपायुक्त ने विभागवार लक्ष्य (Target) निर्धारित किए। उन्होंने अपर समाहर्ता और अनुमंडल पदाधिकारी (देवघर एवं मधुपुर) को निर्देश दिया कि वे नियमित अंतराल पर इन मामलों की खुद निगरानी करें। साथ ही, उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि वे अगले 15 दिनों के अंदर अपने कार्यों का प्रगति प्रतिवेदन (Progress Report) अनिवार्य रूप से कार्यालय में प्रस्तुत करें।
राजस्व संग्रह में लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही
बैठक के अंत में उपायुक्त ने दो टूक शब्दों में कहा कि राजस्व संग्रह जिला प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनकी सीधे जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी (देवघर), अनुमंडल पदाधिकारी (मधुपुर), जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, एलडीएम, कार्यपालक दंडाधिकारी (मधुपुर), जिले के सभी अंचलाधिकारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि और नीलाम पत्र शाखा के कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित थे।



