
Deoghar (Jharkhand): देवघर के समाहरणालय सभागार में उपायुक्त (डीसी) सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले की स्कूली शिक्षा, छात्र कल्याण योजनाओं, विद्यालयों की आधारभूत संरचना और प्रशासनिक मामलों की बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे केवल कागजी दावों और आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि धरातल पर काम करके दिखाएं।

सिर्फ फाइलों में नहीं, रिजल्ट में दिखना चाहिए सुधार
समीक्षा के दौरान उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने माध्यमिक (10वीं) और उच्च माध्यमिक (12वीं) के परीक्षा परिणामों पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने जिले की शैक्षणिक गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए इसमें तत्काल सुधार करने के कड़े निर्देश दिए। डीसी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका सीधा असर बच्चों के प्रदर्शन और उनके परीक्षा परिणामों में दिखना चाहिए। इसके लिए उन्होंने स्कूलों में नियमित टेस्ट आयोजित करने और बच्चों की जरूरत के अनुसार कस्टमाइज्ड लर्निंग पर विशेष ध्यान देने को कहा।
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ड्रॉप-आउट बच्चों को चिह्नित कर दोबारा स्कूल लाने का निर्देश
देवघर जिले में शिक्षा के स्तर को सुधारने और साक्षरता दर बढ़ाने के उद्देश्य से उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूल छोड़ने वाले (ड्रॉप-आउट) बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित किया जाए। इन बच्चों का स्कूलों में पुनः नामांकन (Re-admission) कराकर उन्हें बेहतर शिक्षा और सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसी भी बच्चे का भविष्य अंधकार में न रहे।
कस्तूरबा और मॉडल स्कूलों की इंफ्रास्ट्रक्चर दुरुस्त करने के आदेश
समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत की जा रही नियुक्तियों, बच्चों के बीच पोशाक (यूनिफॉर्म) तथा मुफ्त पाठ्यपुस्तकों (फ्री टेक्स्ट बुक) के वितरण की स्थिति जानी। उन्होंने सी०एम० स्कॉलरशिप योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। जिले के सीएमएसओई, आदर्श विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, झारखण्ड बालिका आवासीय विद्यालय और मॉडल स्कूलों के सुचारू संचालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही, स्कूलों में पेयजल, शौचालय और भवन जैसी आधारभूत संरचनाओं को तत्काल दुरुस्त करने को कहा गया।
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लापरवाह शिक्षकों और कर्मियों पर होगी सख्त कार्रवाई
बैठक में विभाग की वित्तीय स्थिति के साथ-साथ प्रशासनिक मुस्तैदी पर भी गंभीर चर्चा हुई। उपायुक्त ने शिक्षकों से संबंधित लंबित आरोप पत्रों, स्थापना, विभागीय कार्यवाहियों और निलंबन से जुड़े मामलों की समीक्षा की। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि कर्तव्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों और शिक्षकों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) पीयूष सिन्हा, जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE), सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी (APRO), सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEEO) सहित विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।


