
जमशेदपुर।


*कोविड-19 के कारण उत्पन्न स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा रोजगारोन्मुख शुरू किए गए तीन योजनाओं में से एक है
बिरसा हरित क्रांति योजना। ज्यादा से ज्यादा प्रवासियों को रोजगार मिले इस उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा तीन प्रमुख योजनाओं नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्वि योजना, बिरसा हरित ग्राम योजना एवं वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना की शुरूआत की गई थी । प्रवासियों को रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिले इस उद्देश्य से उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम श्री रविशंकर शुक्ला के नेतृत्व में पूर्वी सिंहभूम जिले में उक्त तीनों योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है। *
★ बिरसा हरित ग्राम योजना क्या है-
1. यह मनरेगा अंतर्गत क्रियान्वित वृक्षारोपण योजना है। रैयती या सार्वजनिक /GM दोनों प्रकार की जमीन में इस योजना का क्रियान्वयन किया जा सकता है ।
2. फलदार वृक्षारोपण के अलावा तसर कीट पालन हेतु अर्जुन या आसन एवं लाह कीट पालन हेतु सेमियालाता का भी बागवानी किया जा सकता है
3. आम के अलावा अन्य फलदार पौध जैसे- अमरूद, नींम्बू, सरीफा आदि भी लगाए जा सकते हैं।
4. बगवानी की योजना 5 वर्षों के लिए क्रियान्वित की जाएगी ।
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पूरे जिले में बिरसा हरित ग्राम योजना की अधतन स्थिति-(26 जून 2020 तक)
1. कुल भूमि चिन्हित- 526 एकड़
2. लाभुक की संख्या- 709
3. योजनाओं की संख्या (जिनपर कार्य जारी है) – 716
4. योजना की संख्या स्वीकृत(जिनमें कार्य शुरू होना है)- 691
5. फल के पौधों के लिए 56355 गड्ढा खुदाई का लक्ष्य रखा गया है जिनमें 35060 गड्ढों की खुदाई की जा चुकी है।
6. टिंबर प्लांट के लिए 23980 गड्ढा खुदाई का लक्ष्य है जिसमें 5650 गड्ढों की खुदाई की जी चुकी है।
★किस तरह की जमीन पर क्या योजना लिया जा सकता है-
1.रैयती जमीन पर ( पुरानी BMBY)
. आम वृक्षारोपण
. मिश्रित फलदार पौधों का रोपण
. तसर एवं सेमियालता (लाख) वृक्षारोपण
2. गैर मजूरूआ(GM) जमीन पर- वृक्ष पट्टा के साथ
3. सड़क किनारे रेखिक वृक्षारोपण – वृक्ष पट्टा के साथ
रैयती जमीन पर एक परिवार को अधिक से अधिक 1 एकड़ में फलदार वृक्षारोपण एवं 2.5 एकड़ तक तसर कीट पालन हेतु वृक्षारोपण किया जा सकता है एवं कम से कम 50 डिसमिल फलदार (एक साथ पैच में योजना क्रियान्वित होने पर 25 डिसमिल तक) एवं 1 एकड़ तसर वृक्षारोपण किया जा सकता है ।
GM जमीन पर एक योजना 100 पौधों की होगी (block plantation/linear) जिसका देखभाल करने की जिम्मेदारी ग्राम सभा द्वारा चयिनत अति -गरीब एससी, एसटी, भूमिहीन, आदिम जनजाति आदि परिवार को दिया जाएगा । उसे ही इसका भोगाधिकार दिया जायेगा ।
GM जमीन में रोपीत वृक्षारोपण के एक यूनिट में कुल 100 पौधे ( 24 आम, 24 अमरूद, 22 इमारती/चारा हेतु, 20 नीम्बू एवं 10 सहजन) होंगे।
Approach Road एवं Internal Road आदि के किनारे की खाली गैर-मजरूआ जमीन पर रेखिक वृक्षारोपण (linear Plantation)किया जायेगा जिसमे एक यूनिट में 100 पौधे लगाए जाएंगे । इस वृक्षारोपण को देखने की जिम्मेवारी भी ग्राम सभा द्वारा चयिनत अति -गरीब एससी, एसटी, भूमिहीन, आदिम जनजाति आदि परिवार को दिया जाएगा । उसे ही इसका भोगाधिकार दिया जायेगा ।
★ अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां
1. एक गाँव में न्यूनतम 5 एकड़ जमीन पर (एक या एक से अधिक पैच हो सकता है ) फलदार वृक्षारोपण नहीं किया जायेगा ।
2. जिन प्रखंडों में पहले से इस योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है उनमे वृहत पैमाने पर बागवानी योजना का क्रियान्वयन किया जाना है एवं जिन प्रखंडों में पहली बार किया जा रह है उनमे कम से कम प्रत्येक पंचायत के एक गाँव में 5 एकड़ में योजना किया जायेगा ।
3. तसर वृक्षारोपण 15 एकड़ से कम रकवा में नहीं किया जायेगा।
4. फलदार वृक्षारोपण उन्ही स्थानों में क्रियान्वित किया जाना है जहाँ सिंचाई का साधन उपलब्ध हो। JSLPS के जोहार परियोजना एवं SIEC द्वारा अबतक लगभग 325 लिफ्ट सिंचाई योजना क्रियान्वित की जा चुकी है। उक्त स्थानों में वृहत पैमाने पर बागवानी की योजना क्रियान्वित की जानी है।
जिला प्रशासन द्वारा आगे पाँच वर्षों में 5 लाख परिवारों के साथ बागवानी करने का लक्ष्य है अतः जिन स्थानों पर आने वाले वर्षो में बागवानी योजना क्रियान्वित की जानी है उन स्थानों में सिंचाई की सुविधा व भूमि सुधार की योजना जैसे TCB, मेढ़ बंदी आदि योजना का क्रियान्वयन भी किया जा रहा है।

