
BIHAR NEWS: राज्य में त्योहारों के बीच खाद्य पदार्थों में मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ सघन अभियान जारी है। खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण, खाद्य पदार्थों के नमूने लेने और प्रयोगशाला जांच की कार्रवाई के बीच वैशाली जिले में 328 किलोग्राम संदिग्ध मिलावटी पनीर जब्त कर नष्ट कराया गया है। जब्त पनीर की अनुमानित कीमत 85,280 रुपये बताई गई है।
खाद्य संरक्षा आयुक्त के निर्देश पर चल रहे अभियान के तहत वैशाली के बिदुपुर प्रखंड स्थित मेसर्स जीएसपी पनीर भंडार और श्री राम पनीर भंडार में मिलावटी पनीर की शिकायत पर छापेमारी की गई। प्रारंभिक जांच में पनीर में स्टार्च की मौजूदगी पाई गई। इसके बाद दोनों प्रतिष्ठानों से कुल 328 किलो पनीर जब्त किया गया और जनहित में उसका विनष्टीकरण कराया गया।
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बिना लाइसेंस चल रहा था पनीर निर्माण
निरीक्षण के दौरान दोनों प्रतिष्ठानों के पास खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक लाइसेंस या पंजीकरण नहीं पाया गया। इसके बाद दोनों जगह पनीर निर्माण पर रोक लगा दी गई। मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
27 अगस्त से 5 अक्टूबर तक राज्यभर में जांच
27 अगस्त से 5 अक्टूबर 2026 के बीच राज्य के विभिन्न जिलों में खाद्य संरक्षा अधिकारियों ने लगातार निरीक्षण और नमूना संग्रह अभियान चलाया। इस दौरान पनीर, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, मिठाई, मसाले, खाद्य तेल, पेय पदार्थ, अनाज और दाल समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे गए।
अभियान के दौरान 865 से अधिक खाद्य नमूने संग्रहित किए जा चुके हैं। इनमें दुग्ध उत्पाद, मिठाई, अनाज-दाल, मसाले-सॉस, बेवरेज, खाद्य तेल, स्ट्रीट फूड और बेकरी उत्पाद समेत अन्य खाद्य श्रेणियां शामिल हैं।
कई जिलों में खराब खाद्य पदार्थ नष्ट
निरीक्षण के दौरान मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और शिवहर में करीब 105 किलो दूषित पनीर जब्त कर नष्ट कराया गया। इसके अलावा 18 किलो छेना, 12 किलो पेड़ा और 27 किलो सोनपापड़ी भी एक्सपायर्ड पाए जाने पर नष्ट कराए गए।
वैशाली और पश्चिमी चंपारण में खराब पनीर पर कार्रवाई के साथ 35,454 बोतल पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर जब्त किया गया। बेगूसराय, सहरसा और सुपौल में खराब लड्डू और पनीर नष्ट कराया गया। इन जिलों में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की 1 लीटर की 310 और 500 मिलीलीटर की 1,230 बोतलें भी जब्त की गईं।
समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी में 18 किलो मिलावटी पनीर नष्ट कराया गया। संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ Improvement Notice जारी करने और खाद्य लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की गई।
वहीं नालंदा-नवादा में खराब घी और सोनपापड़ी, जबकि मुंगेर, पूर्णिया और मधेपुरा में खराब पेड़ा, बर्फी, लड्डू, केक और मलाई को नष्ट कराया गया। सीवान और गोपालगंज में बिना एक्सपायरी डेट वाले सॉस, एक्सपायर्ड कार्बोनेटेड ड्रिंक, रंगयुक्त जलेबी और बूंदी पर भी कार्रवाई हुई।
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दुकानदारों को दिए गए खाद्य सुरक्षा के निर्देश
खाद्य प्रतिष्ठानों के संचालकों को FIFO और FEFO प्रणाली का पालन करने, खाद्य एवं गैर-खाद्य सामग्री को अलग रखने तथा कच्चे और पके खाद्य पदार्थों को अलग रखने का निर्देश दिया गया है। खाद्य सामग्री को ढककर रखने और रसोई एवं प्रतिष्ठान परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
कर्मचारियों को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, जरूरत के अनुसार ग्लव्स और हेयर नेट का इस्तेमाल करने तथा वैध FSSAI Registration/Licence प्राप्त कर उसे प्रमुखता से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है।
इसके साथ ही दोबारा इस्तेमाल किए गए या खराब तेल का उपयोग नहीं करने तथा एक्सपायर्ड, खराब और संदूषित खाद्य पदार्थों को तत्काल हटाने को कहा गया है।
त्योहारों के दौरान जारी रहेगा अभियान
खाद्य विभाग के अनुसार आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। त्योहारों के दौरान मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ राज्यभर में निरीक्षण एवं कार्रवाई जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


