
जमशेदपुर।


बागबेड़ा वृहत ग्रामीण जलापूर्ति योजना के समर्थन में पंचायत प्रतिनीधी उतर गए है। विश्व बैक के द्रारा बनाई जारही यह योजना में ग्रहण न लग जाए इसको लेकर बागबेड़ा के १७ पंचायतो के पंचायत प्रतिनिधि एक मंच पर आ गए है। और योजना न रुके उसको लेकर एक ज्ञापन उपायूक्त को सौपा हैं।
ज्ञापन के माध्यम से कहा गया है कि इस क्षेत्र के कुछ लोग नही चाहते है कि यहां विकास हो ।इस क्षेत्र के लोग व्याप्त पेयजल समस्या से जूझ रहे है। इस क्षेत्र के लोगो के लिए क्षेत्र में पेयजल एकमात्र स्रोत भूमिगत जल है। बागबेरा, कीताडीह घाघीडीह, करणडीह क्षेत्र का भूमिगत जल स्तर 300 से 5०० फीट नीचे चला गया है सैकड़ो चापाकल फेल हो चुके हैं, गर्मी के दिनों में लोग पेयजल के लिए त्राहिमाम करते हैं ,जुस्को और तारापुर कंपनी द्वारा सीएसआर के तहत गर्मी के दिनों में टैंकर द्वारा जलापूर्ति की जाती है। परंतु यह व्यवस्था समुचित पानी की आपूर्ति नहीं कर पाती है। बागबेड़ा क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक दलों के लंबे संघर्ष के बाद बागबेरा ग्रामीण जलापूर्ति योजना धरातल पर उतर रही है ताकि इन क्षेत्रों के लगभग तमाम लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके। लेकिन कुछ लोगों के द्वारा इस योजना का विरोध किया जा रहा है इसलिए जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता पूर्वक ले और किसी भी हालत में बागबेरा ग्रामीण जिला पूर्ति योजना को रद्द ना करें ।अगर जिला प्रशासन इस योजना को रद्द करता है तो बागबेरा पंचायत के सभी पंचायत प्रतिनिधि डीसी कार्यालय में आकर सामूहिक रूप से अनशन पर बैठ जाएंगे।

