Author: BJNN Desk

जमशेदपुर। टाटा कैपिटल लिमिटेड के बहुप्रतीक्षित 15,512 रूपये करोड़ के आईपीओ को एंकर निवेशकों से जोरदार प्रतिक्रिया मिली है। कंपनी ने 326 रु. प्रति शेयर के भाव पर 135 एंकर निवेशकों को 14.23 करोड़ इक्विटी शेयर आवंटित कर 4,642 रु. करोड़ जुटाए हैं। एंकर बुक को इश्यू खुलने से पहले ही करीब 5 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसमें देश और विदेश के 68 प्रमुख संस्थागत निवेशक शामिल रहे। एलआईसी, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एमएफ जैसे बड़े घरेलू निवेशकों के साथ-साथ गोल्डमैन सैक्स और मॉर्गन स्टेनली जैसे वैश्विक निवेशकों ने भी भागीदारी की। READ MORE :Jamshedpur News :सांसद बिद्युत बरण महतो…

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जमशेदपुर सांसद श्री बिद्युत बरण महतो ने केंदाडीह कॉपर माइंस का लीज डीड सम्पन्न होने पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की है। सांसद श्री महतो ने कहा कि केंदाडीह कॉपर माइंस के पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए उन्होंने चार बार केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की थी। इसके साथ ही साथ केंद्रीय खान मंत्री जी किशन रेड्डी से भी इस हेतु आग्रह किया था। इस दौरान विभागीय सचिव से भी मिलकर पर्यावरणीय स्वीकृति प्रदान करने की मांग की थी ताकि माइंस पुनः चालू हो सकें। READ MORE :Jamshedpur News :सिंहभूम चैंबर का दीपावली मेला, महिला सशक्तिकरण…

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जमशेदपुर। सिख धर्म की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संजोने वाला 55वां गुरमत सिख्या कैंप शनिवार, 4 अक्टूबर 2025 को गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, मानगो में एक भव्य और आध्यात्मिक समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ। इस सात दिवसीय शिविर में कोलकाता की जसमीत कौर और जगजोत सिंह ने अपनी उत्कृष्टता का परचम लहराते हुए सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु का खिताब हासिल किया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के पदाधिकारियों और श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने विजेताओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया। READ MORE :Jamshedpur News :जत्थेदार गड़गज ने बच्चों को पुरस्कृत कर की हौसला…

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दीपावली की खुशियों में इंद्रधनुषी रंग भरने एवं महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के तत्वाधान में आगामी 11 एवं 12 अक्टूबर 2025 को चेंबर भवन में भव्य “दीपावली मेला 2025” का आयोजन किया जा रहा है।इस मेले के प्रचार प्रसार हेतु आज मेले का ब्रोशर का विमोचन चैंबर अध्यक्ष मानव केडिया,महासचिव पुनीत कांवटिया,उपाध्यक्ष (ट्रेड एंड कॉमर्स) अनिल मोदी,उपाध्यक्ष (टैक्स ऐंड फाइनेंस) राजीव अग्रवाल एवं अन्य ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर संबोधित करते हुए अध्यक्ष मानव केडिया में कहा कि इस दो दिवसीय मेले का मुख्य उद्देश्य…

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लेखक: डी. बी. सुंदरा रामम वाइस प्रेसिडेंट, कॉर्पोरेट सर्विसेज, टाटा स्टील भारत की सांस्कृतिक धरोहर की सबसे प्रभावशाली छवियों में से एक वह क्षण है, जब श्रीकृष्ण ने युद्धभूमि कुरुक्षेत्र में निराश और विचलित अर्जुन को गीता का उपदेश दिया। उन्होंने आत्मा की अमरता और उसकी असीमता का बोध कराते हुए अर्जुन से शोक और मोह छोड़कर धनुष उठाने और धर्म के लिए युद्ध करने का आह्वान किया। इसी प्रकार, रामायण में भगवान राम और लक्ष्मण, वनवास के कठिन मार्ग पर केवल अपने धनुष-बाण के सहारे ही अधर्म और अन्याय के प्रतीक रावण का अंत करते हैं। भगवान शिव के अचल धनुष की पौराणिक कथा से लेकर सिंधु घाटी की मुहरों पर अंकित धनुर्धर देवताओं तक, भारतीय इतिहास, लोककथाओं और अध्यात्म में धनुर्विद्या केवल शस्त्र नहीं, बल्कि धर्म, साहस और संस्कृति का प्रतीक बनकर गहराई से रची-बसी है। इतिहास के पन्ने पलटते ही एक और जीवंत और प्रेरक अध्याय सामने आता है। झारखंड के लातेहार ज़िले में, शांत औरंगा नदी के तट पर खड़े पालाामऊ किले के खंडहर केवल पत्थरों का ढेर नहीं, बल्कि साहस और स्वतंत्रता की गाथा हैं। ये दीवारें उस समय की साक्षी हैं, जब चेऱो आदिवासी अपने धनुष-बाण की अद्भुत दक्षता और अपराजेय साहस के लिए विख्यात थे। चेऱो योद्धाओं ने न केवल आक्रमणकारियों को रोका, बल्कि अपने कौशल से यह सिद्ध कर दिया कि आत्मसम्मान और स्वतंत्रता की रक्षा किसी भी साम्राज्य से बड़ी शक्ति है। उन्होंने मुग़ल साम्राज्य की विशाल सेना को ललकारा और अंग्रेज़ी साम्राज्य की बढ़ती ताकत से भी बेख़ौफ़ होकर लड़े। धनुर्विद्या उनकी पहचान थी, पर साहस उनकी आत्मा। इसी संयोजन ने उन्हें न सिर्फ योद्धा बनाया, बल्कि स्वतंत्रता और पराक्रम का जीवंत प्रतीक भी बनाया। झारखंड की धरती पर फैले इन खंडहरों की खामोशी आज भी उनके अदम्य उत्साह और अजेय जज़्बे की गूंज सुनाती है—एक ऐसा संदेश, जो पीढ़ियों को साहस, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के महत्व की याद दिलाता रहता है। सदियों बाद भी भारत गर्व से उन असाधारण तीरंदाजों की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है, जिन्होंने अपनी अद्भुत प्रतिभा से देश को वैश्विक स्तर पर सम्मान और पहचान दिलाई है। यह उत्कृष्टता की परंपरा, जिसकी जड़ें इतिहास और पौराणिक कथाओं में गहराई से समाई हैं, आज भी उतनी ही जीवंत और सशक्त है। आधुनिक दौर में इस प्रतिभा को संवारने और नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में टाटा स्टील की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। खेलों को सदैव प्राथमिकता देने की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, टाटा स्टील ने न केवल खिलाड़ियों को सशक्त बनाया है, बल्कि उत्कृष्ट खेल संस्कृति को भी बढ़ावा दिया है। यही संकल्प आज के भारत के तीरंदाजों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चमकने की प्रेरणा देता है। हाल ही में आर्चरी प्रीमियर लीग (एपीएल) की शुरुआत इस गौरवशाली सफ़र में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुई है। अतीत के महानायक धनुर्धरों को शानदार श्रद्धांजलि देते हुए, झारखंड की अपनी टीम ने “चेऱो आर्चर्स” नाम अपनाया है। यह नाम केवल एक पहचान नहीं, बल्कि उस परंपरा और शौर्य का प्रतीक है, जो पीढ़ियों से झारखंड की मिट्टी में रचा-बसा है। आधुनिक खेलों की महत्वाकांक्षा और प्राचीन पराक्रम का यह अनूठा संगम, इतिहास को वर्तमान से जोड़ता है और आने वाले भविष्य को नई ऊर्जा प्रदान करता है। टाटा स्टील द्वारा अक्टूबर 1996 में स्थापित टाटा आर्चरी अकादमी (टीएए) लगभग तीन दशकों से प्रतिभा को निखारने का एक उज्ज्वल प्रतीक बनी हुई है। भारत में आर्चरी प्रशिक्षण का नया मॉडल प्रस्तुत करने वाली इस अकादमी ने खेलों की दुनिया में एक नई दिशा दी। एक रेज़िडेंशियल सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के रूप में इसकी मूल भावना रही है– वैज्ञानिक पद्धति से खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना। खास तौर पर झारखंड–ओडिशा क्षेत्र की आदिवासी समुदायों में निहित समृद्ध प्रतिभा को पहचानना और उसे वैश्विक मंच तक पहुँचाना, टीएए का सबसे बड़ा संकल्प रहा है।लड़कियों और लड़कों दोनों को समान अवसर प्रदान करनेवाले टाटा आर्चरी अकादमी (टीएए) ने एक व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया है। यह नेटवर्क जमीनी स्तर से शुरू होकर फीडर, सैटेलाइट और ट्रेनिंग सेंटरों तक फैला हुआ है, जो टाटा स्टील के सभी परिचालन क्षेत्रों में सक्रिय हैं – यहाँ तक कि जामाडोबा, वेस्ट बोकारो और नोआमुंडी जैसे दूरस्थ खनन क्षेत्रों में भी। इस रणनीतिक विस्तार का उद्देश्य केवल एक विशाल प्रतिभा-भंडार तैयार करना ही नहीं है, बल्कि स्थानीय समुदायों को सशक्त और समृद्ध बनाना भी है। टाटा आर्चरी अकादमी (टीएए) के कैडेट्स को विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, अनुभवी कोच और पूरी तरह से समर्पित सपोर्ट टीम का लाभ मिलता है। इस टीम में स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग विशेषज्ञ, खेल मनोवैज्ञानिक, फिजियोथेरेपिस्ट, न्यूट्रिशनिस्ट और मसाज थेरेपिस्ट शामिल हैं, जो खिलाड़ियों की क्षमता को हर पहलू से निखारते हैं। सिर्फ प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि उत्कृष्ट उपकरणों और आधुनिक सुविधाओं के साथ, युवा तीरंदाजों को अकादमी की राज्य और राष्ट्रीय खेल संस्थाओं के साथ साझेदारियों के माध्यम से महत्वपूर्ण पेशेवर अवसर भी प्राप्त होते हैं। टाटा आर्चरी अकादमी (टीएए) की अटूट लगन और कठोर प्रशिक्षण ने इसके खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकने का अवसर दिया है। इसका शानदार उदाहरण 2023 के एशियाई खेलों में हासिल किया गया प्रतिष्ठित कांस्य पदक है, जिसे टीएए की कैडेट्स अंकिता भकत और भजन कौर की टीम ने जीता। अंकिता भकत ने पेरिस 2024 समर ओलंपिक में सेमीफाइनल तक पहुँचकर इतिहास रच दिया, जो अकादमी की लगातार सफलता और प्रभाव का जीता-जागता प्रमाण है। स्थापना के बाद से, टाटा आर्चरी अकादमी (टीएए) ने कई उल्लेखनीय चैंपियनों को तैयार किया है, जिनमें नौ ओलंपियन, तीन द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता, एक लाइफटाइम द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता और 150 से अधिक अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज शामिल हैं।इसलिए, टाटा स्टील का आर्चरी प्रीमियर लीग में रणनीतिक प्रवेश एक स्वाभाविक कदम है, जो इस खेल को बढ़ावा देने और इसे नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। चेऱो आर्चर्स टीम अपनी प्रख्यात और दमदार टीम पर गर्व करती है, जिसमें विश्व स्तरीय तीरंदाज शामिल हैं। डेनमार्क के मैथियास फुलर्टन, जो कम्पाउंड आर्चरी में वर्तमान वर्ल्ड नंबर 1 हैं, टीम में अद्वितीय विशेषज्ञता और अनुभव लेकर आए हैं। भारत के ओलंपियन और पूर्व टीएए खिलाड़ी अतानु दास के साथ रिकर्व आर्चरी में वर्ल्ड नंबर 9 कैथरिना बाउर भी टीम का हिस्सा हैं। इसके अलावा, भारतीय तीरंदाजों के मजबूत दल में राहुल (रिकर्व), प्रिथिका प्रदीप (कम्पाउंड), मडाला हमसिनी (कम्पाउंड), साहिल राजेश (कम्पाउंड) और कुमकुम मोहोड (रिकर्व) शामिल हैं। यह स्टार टीम 2 से 12 अक्टूबर तक होने वाले आर्चरी प्रीमियर लीग के पहले संस्करण में प्रिथ्विराज योद्धा, काकतिया नाइट्स, माइटी मराठा, राजपूताना रॉयल्स और चोल चीफ्स जैसी सशक्त टीमों के खिलाफ मुकाबला करेगी। इस लीग में प्राचीन धनुर्विद्या की परंपरा और आधुनिक खेल उत्साह का संगम देखने को मिलेगा, जो दर्शकों के लिए रोमांच और प्रेरणा का अद्वितीय अनुभव प्रस्तुत करेगा।

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जमशेदपुर, 4 अक्टूबर। भारतीय रेड क्रॉस सोसाईटी, पूर्वी सिंहभूम, राम मनोहर लोहिया नेत्रालय द्वारा द्रोपदी देवी चिमनलाल भालोटिया फैमिली ट्रस्ट, राजस्थान सेवा सदन तथा जिला ग्रामीण स्वास्थ्य समिति के सहयोग से गोयल परिवार के संयोजन में आज बागबेड़ा थाना चौक स्थित राम मनोहर लोहिया नेत्रालय में 787वें नेत्र शिविर का शुभारंभ नेत्र रोगियों के जांच के साथ नेत्र चिकित्सक डॉ. बी. पी. सिंह एवं उनके सहयोगी चिकित्सीय टीम द्वारा किया गया। आज जांच सत्र के दौरान 63 नेत्र रोगियों की जांच में 30 नेत्र रोगियों को मोतियाबिन्द ग्रस्त पाया गया, जिनकी शारीरिक जांच के पश्चात उपयुक्त नेत्र रोगियों का ऑपरेशन…

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जमशेदपुर। शनिवार की शाम मानगो पोस्ट ऑफिस रोड स्थित आवास प्लाजा में स्थित रसराज स्वीट्स के किचेन में दो सिलेंडर फट गये और आग लग गई। आग की लपटें अगल-बगल की 10 दुकानों में भी फैल गई। इस हादसे में तीनव लोग घायल हुए हैं। घायलों में रसराज स्वीट्स के मालिक निताई साहू, कारीगर तपन नामता और एक ग्राहक बच्ची सोनिया घायल हो गए। तपन नामता की स्थिति ज्यादा खराब है। READ MORE :Jamshedpur News :झारखंड कांग्रेस ने बदले जिला अध्यक्ष, परविंदर सिंह को सौंपी पूर्वी सिंहभूम की कमान आग लगने की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने जमशेदपुर पश्चिमी…

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 जमशेदपुर। गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्ष को समर्पित शहीदी जागृति यात्रा के तहत टूइलाडूंगरी गुरुद्वारा साहिब में इतिहास में पहली बार तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब से आई पालकी साहिब का भव्य ठहराव हुआ. इस अवसर पर सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से गुरुद्वारा साहिब के प्रधान सतबीर सिंह को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया. प्रधान सतबीर सिंह ने इसे गुरु महाराज की असीम कृपा बताते हुए कहा कि सीमित स्थान होने के बावजूद संगत और टीम के सहयोग से लंगर और समागम की सेवा सफलतापूर्वक पूरी हुई. उन्होंने पूरी संगत और अपनी टीम के…

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Ranchi,: The Jharkhand Pradesh Congress Committee has appointed new district presidents in more than a dozen districts under its Sangathan Srijan Abhiyan (Organization Creation Campaign). The move aims to strengthen the party at the grassroots level and energize workers ahead of upcoming elections. REA D MORE :Jamshedpur News :Dr. Rajwant Singh from the US felicitated, discussions on religious and social issues Congress General Secretary K.C. Venugopal issued the official notification on Sunday. The party has entrusted leadership responsibilities to two MLAs, several former MLAs, and senior leaders, signaling that organizational revival is now a top priority. According to party sources,…

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जमशेदपुर। सिख पंथ की मर्यादा और अनुशासन को लेकर एक सार्थक पहल करते हुए जमशेदपुर के प्रसिद्ध सिख धर्म प्रचारक, विचारक और चिंतक भाई हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने श्री अकाल तख़्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गढ़गज से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कोल्हान क्षेत्र के गुरुद्वारों में रहत मर्यादा को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग की। भाई हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने जत्थेदार से आग्रह किया कि रहत मर्यादा सिख पंथ की आत्मा है। यह अनुशासन, एकता और सेवा की भावना का मूल है। उन्होंने कहा कि कुछ गुरुद्वारों में रहत मर्यादा का पालन नहीं हो पा…

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