आदित्यपुर।
आदित्यपुर में झारखंड चेतना मंच के तत्वावधान में संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती बेहद सादगी और वैचारिक गोष्ठी के साथ मनाई गई। आदित्यपुर रेलवे शिव मंदिर के सभागार में आयोजित इस भव्य जयंती समारोह की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष सुरेश धारी ने की। इस अवसर पर बाबा साहेब को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ समाज के वंचित और जरूरतमंद बच्चों के बीच पाठ्य सामग्री (Study Materials) का वितरण किया गया। यह पहल बाबा साहेब के ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ के मूल मंत्र को सीधे तौर पर चरितार्थ करती है।
समान शिक्षा व्यवस्था से ही आएगी समाज में सच्ची समरसता
इस वैचारिक गोष्ठी में उपस्थित वक्ताओं ने शिक्षा के अधिकार और देश की वर्तमान शिक्षा प्रणाली पर गहन मंथन किया। सभी वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि बाबा साहेब के सपनों का भारत तभी पूरी तरह से साकार होगा जब समाज के सभी वर्गों (अमीर-गरीब, ऊंच-नीच) को शिक्षा का बिल्कुल समान अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में यह मांग प्रमुखता से उठी कि पूरे देश में ‘एक देश, एक शिक्षा व्यवस्था’ (Uniform Education System) लागू होनी चाहिए। वक्ताओं का स्पष्ट मानना था कि वर्तमान में शिक्षा का बाजारीकरण हो गया है। जब तक गरीब का बच्चा और अमीर का बच्चा एक ही तरह के स्कूल, एक ही पाठ्यक्रम और समान सुविधाओं के साथ नहीं पढ़ेगा, तब तक समाज में सच्ची समरसता (Social Harmony) और समानता कभी कायम नहीं हो सकेगी।
इन्होंने रखे अपने विचार, शिक्षा को बताया बड़ा हथियार
कार्यक्रम के दौरान समाज वैज्ञानिक रबिन्द्र नाथ चौबे, समाजसेवी बिजय शंकर मिश्रा, अम्बुज कुमार, भगलू सोरेन, मनोज सिंह और पी के सिंह ने मुख्य रूप से अपने विचार मंच से साझा किए। सभी ने एक स्वर में कहा कि देश की प्रगति और सदियों पुराने जाति-पाति के भेदभाव को जड़ से मिटाने का एकमात्र अस्त्र केवल शिक्षा है। शिक्षा के बिना किसी भी समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। इसलिए सरकार को समान शिक्षा नीति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक तंगी के कारण अच्छी शिक्षा से वंचित न रहे।
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कार्यक्रम में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
इस विचारोत्तेजक जयंती समारोह का सफल और सुचारू संचालन सुबोध शरण ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मंच के सदस्यों और स्थानीय प्रबुद्ध जनों की अहम भूमिका रही। इस अवसर पर मुख्य रूप से समरेन्द्र नाथ तिवारी, लक्ष्मण राय, श्रीनिवास यादव, राहुल यादव, अरबिंद कुमार पप्पू, मदीना, शिव शंकर यादव, सिबेश्वर उपाध्याय, अनिल कुमार पांडे, योगेंद्र गोपाल झा, अधिवक्ता अनिल सिंह और संजीव दुबे सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलेंगे और समाज में शिक्षा का उजियारा फैलाने में अपना हरसंभव योगदान देंगे।




