
आदित्यपुर |
भारत को रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को सशस्त्र बलों की आवश्यकताओं से जोड़ने के उद्देश्य से शुक्रवार को आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर में दो दिवसीय एमएसएमई डिफेंस कॉन्क्लेव-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। इस राज्य स्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। यह झारखंड में अपनी तरह का पहला बड़ा रक्षा उद्योग सम्मेलन माना जा रहा है।]

आदित्यपुर बनेगा ‘इंडस्ट्रियल कैपिटल’
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने कहा कि आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में भारत की इंडस्ट्रियल कैपिटल बनने की पूरी क्षमता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमशेदपुर और आदित्यपुर को अब केवल ऑटोमोबाइल या टाटा मोटर्स तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि यहां रक्षा उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देकर इसे एक मजबूत डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
जमशेदपुर में आयोजित MSME Defence Conclave में रक्षा उत्पादन क्षेत्र की संस्थानों और MSME सेक्टर की ईकाईयों के द्वारा लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया। आज रक्षा उत्पादन क्षेत्र में बढ़ती प्रगति को देखकर काफी खुशी होती है।
1990 के दशक तक जो भारत अपनी रक्षा आवश्यकताओं का लगभग 70% आयात… pic.twitter.com/wvtr3VD02s— Sanjay Seth (@SethSanjayMP) January 16, 2026
92 देशों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा भारत
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री ने जानकारी दी कि भारत वर्तमान में दुनिया के 92 से अधिक देशों को रक्षा उपकरणों का निर्यात कर रहा है। उन्होंने बताया कि बीते आठ वर्षों में देश में स्टार्टअप की संख्या 800 से बढ़कर 2 लाख 9 हजार हो चुकी है, जिससे भारत स्टार्टअप इकोसिस्टम में विश्व के शीर्ष तीन देशों में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में रक्षा बजट लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जिसका सीधा लाभ MSME और स्थानीय उद्योगों को मिल सकता है।
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स्थानीय मुद्दों पर भी मंत्री की चिंता
कार्यक्रम के दौरान आदित्यपुर के उद्यमी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के लापता होने के मामले पर केंद्रीय मंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री को इस गंभीर प्रकरण पर त्वरित संज्ञान लेना चाहिए। इसके साथ ही आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की जर्जर सड़कों को लेकर उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
रक्षा उत्पादों से बदलेगी उद्योगों की पहचान
आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष इंदर अग्रवाल ने कहा कि आने वाले समय में आदित्यपुर के उद्योगों की पहचान केवल ऑटोमोबाइल तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रक्षा उत्पादों के निर्माण से भी होगी। वहीं सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मानव केडिया ने क्षेत्र में एक समर्पित डिफेंस सेंटर की स्थापना की मांग रखी।
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62 से अधिक स्टॉल, DRDO-HAL की मौजूदगी
कॉन्क्लेव में डीआरडीओ, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, महिंद्रा डिफेंस सहित 62 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। सेमिनार, बी2बी मीटिंग और पैनल चर्चाओं के माध्यम से उद्यमियों को रक्षा क्षेत्र में प्रवेश और तकनीकी आवश्यकताओं की जानकारी दी जा रही है। इस अवसर पर पूर्व एयर चीफ मार्शल अरुण राहा समेत कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।
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