
आदित्यपुर (सरायकेला-खरसावां): अखिल भारतीय धोबी महासंघ सरायकेला एवं पूर्वी सिंहभूम के संयुक्त तत्वावधान में पारंपरिक ‘हरी हरी पूजा’ (हरियाली पूजा) का आयोजन श्रद्धा और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘हमारा पेड़-हमारा पर्यावरण’ रखा गया।


जय प्रकाश उद्यान में आयोजित इस कार्यक्रम में रजक समाज के सदस्यों ने सबसे पहले नदी की पारंपरिक पूजा-अर्चना कर जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प लिया। इसके पश्चात उद्यान परिसर में 25 फलदार व छायादार पौधे रोपे गए।
अंधविश्वास और बलि प्रथा के खिलाफ प्रकृति की पूजा
कार्यक्रम के दौरान संस्था की संरक्षिका शारदा देवी और महासचिव दुर्गाराम बैठा ने स्पष्ट किया कि हरी हरी पूजा विशुद्ध रूप से प्रकृति की उपासना का पर्व है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पूजा-अर्चना के नाम पर समाज में व्याप्त बलि प्रथा जैसी कुरीतियों और अंधविश्वास को समाप्त करना है। समाज अब पौधारोपण और जल संरक्षण के माध्यम से प्रकृति का संवर्धन कर सकारात्मक संदेश दे रहा है।
READ MORE..ADITYAPUR NEWS: सीतारामपुर 30 MLD वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का सफल हुआ ट्रायल, सहारा गार्डन सिटी में खुशी की लहर
जलवायु परिवर्तन पर चिंता और अबिरलता का संकल्प
मुहिम से जुड़े वक्ताओं ने कहा कि जलवायु परिवर्तन वैश्विक स्तर पर मानव जीवन के लिए सबसे बड़ा संकट बनता जा रहा है। बढ़ती तपिश आने वाले दिनों में गंभीर जल और पर्यावरण संकट खड़ा करेगी। इस समस्या से निपटने के लिए हर शुभ अवसर पर पौधारोपण करना अनिवार्य है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि नदियाँ प्रकृति की जीवनरेखा हैं और उनकी अबिरलता व स्वच्छता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ताओं की रही उपस्थिति
जय प्रकाश उद्यान में आयोजित इस वृहत अभियान में सरायकेला और पूर्वी सिंहभूम जिले के कई गणमान्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से
READ MORE..Jamshedpur News: उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में राजस्व संग्रहण और भूमि अतिक्रमण को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
सरायकेला व पूर्वी सिंहभूम प्रतिनिधि: हरिनंदन रजक (कार्यपालक अभियंता), गोपाल रजक (अध्यक्ष, पूर्वी सिंहभूम), उपेंद्र रजक (संगठन सचिव), राजू रजक (अध्यक्ष, सरायकेला), अरुण चौधरी (कोषाध्यक्ष), बंटी रजक (कोषाध्यक्ष, सरायकेला)।
अन्य सक्रिय सदस्य: कविचंद, सुरेंद्र, बिनोद रजक, रविनंदन, विजय रजक, मनोज, सुरेश रजक, मदन, कमता, बबलू रजक, वीरेंदर रजक।
महिला प्रतिनिधि: लक्ष्मी देवी, पूनम देवी, रश्मि रजक, रीना देवी, ज्योति रानी और सिया राज सहित सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।



