
Adityapur Drinking Water Crisis: पांच सौ घरों में पानी का संकट, जनता बेहाल
आदित्यपुर नगर निगम के वार्ड संख्या 15 और 16 में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहरा गया है। दिंदली बस्ती, दास पाड़ा और महतो पाड़ा समेत आसपास के इलाकों के करीब पांच सौ घरों में कई दिनों से पानी की नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है। इस वजह से स्थानीय लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। भीषण गर्मी में महिलाओं और बच्चों को रोजमर्रा की जरूरतों और पीने के पानी के लिए भी कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जब से जलापूर्ति की जिम्मेदारी जिंदल एजेंसी को मिली है, तब से स्थिति बद से बदतर हो गई है। लोगों का कहना है कि पहले पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के समय ऐसी गंभीर दिक्कतें कभी नहीं थीं।
Jindal Water Supply Agency: बहानेबाजी नहीं चलेगी, जनता को पानी चाहिए
पानी की किल्लत से परेशान बस्ती के लोग जब अपनी शिकायत लेकर आदित्यपुर नगर निगम के डिप्टी मेयर अंकुर सिंह के पास पहुंचे, तो उन्होंने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। डिप्टी मेयर ने तत्काल जलापूर्ति एजेंसी जिंदल के अधिकारियों और कर्मियों को तलब कर दिया। बैठक के दौरान जब एजेंसी के कर्मी समाधान निकालने की बजाय अपनी तकनीकी परेशानियां गिनाने लगे, तो डिप्टी मेयर सख्त तेवर में नजर आए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जनता को पानी चाहिए, बहाने नहीं। अंकुर सिंह ने जिंदल एजेंसी को चेतावनी देते हुए दो दिनों के भीतर जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया है और कहा कि यदि सुधार नहीं हुआ तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Adityapur Deputy Mayor Action: अस्थायी राहत नहीं, अब चाहिए स्थायी समाधान
डिप्टी मेयर की इस तत्परता और कड़े रुख से परेशान बस्तीवासियों में एक बार फिर उम्मीद और भरोसा जगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी डिप्टी मेयर इस मामले में हस्तक्षेप करते हैं, तब कुछ समय के लिए पानी की आपूर्ति शुरू हो जाती है। लेकिन इस बार लोगों ने मांग की है कि इस भीषण गर्मी में उन्हें पानी की किल्लत से हमेशा के लिए निजात मिले। मौके पर शिला पाल, छविरानी महतो, जयंती महतो, सरस्वती महतो, कविता महतो, संध्या महतो, मीनाक्षी महतो, बूबू दत्त, आशीष मल्लिक और राहुल महतो समेत भारी संख्या में क्षेत्र के नागरिक उपस्थित थे। डिप्टी मेयर ने जनता को आश्वस्त किया है कि नगर निगम इस संकट को लेकर गंभीर है और जल्द ही ठोस कदम उठाकर इसका स्थायी समाधान निकाला जाएगा।


