
पटना: चलती ट्रेन में कब क्या आपातकालीन स्थिति आ जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला वाकया गाड़ी संख्या 13041 में सामने आया, जहाँ एक मासूम बच्चे की जान पर बन आई। लेकिन रेलवे स्टाफ की तत्परता और त्वरित एक्शन ने एक बड़ा हादसा होने से टाल दिया।
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ट्रेन में अचानक मची चीख-पुकार
20 मई 2026 को गाड़ी संख्या 13041 अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थी। ट्रेन के कोच B3 की बर्थ संख्या 18 पर एक परिवार सफर कर रहा था। सफर के दौरान अचानक वहाँ चीख-पुकार मच गई। दरअसल, खेल-खेल में एक मासूम बच्चे की नाक में पॉपकॉर्न फंस गया था। पॉपकॉर्न फंसने के कारण बच्चे को सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी और वह तड़पने लगा। बच्चे की हालत देख माता-पिता और आसपास के सहयात्री बुरी तरह घबरा गए।
गाड़ी सं. 13041 (B3/18) दिनांक 20.05.26 में एक मासूम बच्चा के नाक में Popcorn फंस गया। कार्यरत #TTE (सुभाष चंद्र बोस Dy.CIT/PNBE) ने पटना जंक्शन पर Dr. की तत्काल व्यवस्था कराई। Dr. ने बच्चे को तुरंत अटेंड की, जिससे बच्चे की हालत ठीक हो गई। @GM_ECRly @RailMinIndia @ECRlyHJP pic.twitter.com/ErawuRUZzR
— DRM Danapur (@drmdnr) May 20, 2026
संकटमोचक बने TTE सुभाष चंद्र बोस
जब कोच में अफरा-तफरी का माहौल था, तब ट्रेन में चेकिंग स्टाफ के रूप में कार्यरत TTE सुभाष चंद्र बोस (Dy.CIT/PNBE) को इसकी सूचना मिली। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने बिना एक पल गंवाए मोर्चा संभाला। उन्होंने तुरंत पटना जंक्शन के कंट्रोल रूम और रेलवे मेडिकल टीम से संपर्क साधा। सुभाष चंद्र बोस ने सुनिश्चित किया कि ट्रेन के पटना जंक्शन पहुँचते ही मेडिकल हेल्प प्लेटफॉर्म पर तैयार मिले।
पटना जंक्शन पर डॉक्टर का त्वरित एक्शन
जैसे ही ट्रेन पटना जंक्शन पर आकर रुकी, TTE द्वारा पहले से दी गई सूचना के आधार पर डॉक्टरों की एक टीम प्लेटफॉर्म पर मुस्तैद थी। डॉक्टर ने तुरंत कोच B3 में जाकर बच्चे को अटेंड किया। मेडिकल टीम ने बेहद संवेदनशीलता और कुशलता के साथ बच्चे की नाक में फंसे पॉपकॉर्न को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
टला बड़ा हादसा, परिजनों ने जताया आभार
समय पर इलाज मिलने के कारण बच्चे की हालत तुरंत सामान्य हो गई और उसकी जान बच गई। बच्चे को मुस्कुराता देख माता-पिता की आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने TTE सुभाष चंद्र बोस और रेलवे की मेडिकल टीम का हाथ जोड़कर आभार व्यक्त किया। सहयात्रियों ने भी रेलवे के इस क्विक रिस्पॉन्स की जमकर तारीफ की। यह घटना साबित करती है कि भारतीय रेल यात्रियों की सुरक्षा और सेवा के लिए हमेशा तत्पर है।


