
भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और रेल संपत्तियों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा कदम उठाया है। देशभर के रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद बनाने के लिए अब बड़े पैमाने पर ‘फायर सेफ्टी ऑडिट’ (अग्नि सुरक्षा जांच) कराया जाएगा। इस विशेष अभियान के तहत सभी छोटे-बड़े स्टेशनों पर मौजूद अग्नि सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से समीक्षा की जाएगी। जहां कहीं भी सुरक्षा में थोड़ी भी कमी या सुधार की गुंजाइश दिखेगी, वहां तुरंत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

इन महत्वपूर्ण सिस्टम्स की होगी गहन जांच
इस मेगा ऑडिट के दायरे में रेलवे स्टेशन के केवल मुख्य भवन ही नहीं, बल्कि हर वह कोना आएगा जहां आग लगने का खतरा हो सकता है। ऑडिट के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी:
इलेक्ट्रिकल और वेंटिलेशन सिस्टम: स्टेशनों की वायरिंग, शॉर्ट सर्किट की आशंका और एयर कंडीशनिंग (AC) सिस्टम की सेहत परखी जाएगी।
फायर फाइटिंग और स्प्रिंकलर सिस्टम: आग बुझाने वाले उपकरणों (Fire Extinguishers), पानी की उपलब्धता, पंपिंग क्षमता और स्वचालित स्प्रिंकलर सिस्टम की लाइव टेस्टिंग होगी।
इमर्जेंसी एग्जिट: आपातकालीन स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने वाले रास्तों (Emergency Exits) की सुगमता की जांच होगी।
मानकों के उल्लंघन पर होगी तुरंत कार्रवाई
इस देशव्यापी ऑडिट का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी अप्रिय या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हमारे रेलवे स्टेशन पूरी तरह से मुस्तैद और तैयार हैं या नहीं। जांच के दौरान इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाएगा कि स्टेशनों पर राष्ट्रीय अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) का कड़ाई से पालन हो रहा है या नहीं। यदि किसी भी स्टेशन पर नियमों की अनदेखी या उपकरणों में खराबी पाई जाती है, तो वहां सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
READ MORE..GAMHARIA NEWS: काण्ड्रा स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव बहाल नहीं, यात्रियों में बढ़ा आक्रोश
संयुक्त टीमें और राज्य फायर विभाग संभालेंगे मोर्चा
स्टेशनों की इस व्यापक जांच को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए रेलवे के विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमें (Joint Teams) गठित की जाएंगी। सुरक्षा के ऊंचे मानकों को हासिल करने के लिए आवश्यकतानुसार बाहरी विशेषज्ञ एजेंसियों और संबंधित राज्यों के फायर ब्रिगेड विभागों का भी पूरा सहयोग लिया जाएगा। जिन स्टेशनों पर कमियां पाई जाएंगी, वहां प्राथमिकता के आधार पर बजट आवंटित कर तत्काल काम शुरू कराया जाएगा।
भारतीय रेल लगातार अपने बुनियादी ढांचे और यात्री सुविधाओं को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए काम कर रही है। ऐसे में यह फायर सेफ्टी ऑडिट सुरक्षा व्यवस्था को एक नए और मजबूत स्तर पर ले जाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
READ MORE..INDIAN RAILWAYS NEWS: गोंदिया-रक्सौल समर स्पेशल ट्रेन के समय में बदलाव, हटिया और मूरी में भी रुकेगी गाड़ी, देखें नया शेड्यूल


