
आदित्यपुर: राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में वक्ताओं ने उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग उठाई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि दिनकर केवल एक कवि नहीं, बल्कि राष्ट्र की चेतना और सामाजिक सरोकारों की आवाज थे। उनकी रचनाओं ने देश और समाज को नई दिशा देने का काम किया।
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दिनकर को भारत रत्न देने की मांग
समारोह के दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार से राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि हिंदी साहित्य और राष्ट्रीय चेतना के क्षेत्र में दिनकर के योगदान को देखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया जाना चाहिए।
दिनकर के नाम पर विश्वविद्यालय की मांग
कार्यक्रम में वक्ताओं ने राष्ट्रकवि दिनकर की स्मृति को स्थायी रूप से संरक्षित करने के लिए उनके नाम पर एक नए विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग भी रखी। इसके अलावा किसी बड़े विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर रखने का सुझाव दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि इससे नई पीढ़ी को दिनकर के साहित्य, विचार और रचनात्मक योगदान को जानने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा।
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साहित्यकारों और अतिथियों ने लिया हिस्सा
जयंती समारोह में साहित्य और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में राम ठाकुर, राजेश चौधरी, एसएन शर्मा, मनोज चौधरी समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में आयोजक मनोज चौधरी ने उपस्थित साहित्यकारों, अतिथियों और सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

