
आदित्यपुर
डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए टाटा स्टील UISL द्वारा आज आदित्यपुर के ईएमसी क्षेत्र में ऑटो क्लस्टर के निकट वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया. यह पहल ई-बिल (इलेक्ट्रॉनिक बिल) सुविधा के लिए 7,263 उपभोक्ताओं की सहमति प्राप्त होने की उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित की गई. इस अभियान के माध्यम से डिजिटल परिवर्तन को पर्यावरणीय स्थिरता से जोड़ने की दिशा में संगठन के प्रयासों को नई गति मिली है. इस कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत करते हुए टाटा स्टील UISL के एमडी अतुल भटनागर ने कहा कि प्रशासन और नागरिकों का सहयोग मिलो तो आदित्यपुर में कंपनी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कर सकती है.
7,263 उपभोक्ताओं के ई-बिल अपनाने पर 3,000 पौधे लगाने की योजना
ई-बिल सुविधा को अपनाने के लिए उपभोक्ताओं से मिले सकारात्मक रुझान के आधार पर, टाटा स्टील UISL ने इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में समयावधि के दौरान कुल 7,263 पौधे लगाने का प्रस्ताव रखा है. इसी क्रम में वर्तमान वृक्षारोपण पहल के अंतर्गत लगभग 3,000 पौधे लगाए जाने की योजना है. इसके तहत निर्धारित क्षेत्र की चारदीवारी के चारों ओर सघन वृक्षारोपण कर हरित पट्टी विकसित करने की परिकल्पना की गई है.
जैव विविधता और हरित क्षेत्र के विस्तार पर जोर
इस वृक्षारोपण अभियान में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाने की योजना है, जिनमें बकुल, टेबेबुइया, जामुन, महोगनी, पुट्रंजीवा, जारुल, अर्जुन, पेल्टोफोरम और गुलमोहर शामिल हैं. इस पहल का उद्देश्य हरित क्षेत्र का विस्तार करना, स्थानीय जैव विविधता को बढ़ावा देना और पर्यावरण को अधिक स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाने में योगदान देना है.
प्रशासनिक अधिकारियों और औद्योगिक प्रतिनिधियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में सरायकेला के एसपी मनोज स्वर्गियारी, जियाडा, आदित्यपुर के क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन, क्षेत्रीय उप निदेशक दिनेश कुमार रंजन, आदित्यपुर नगर निगम के नगर आयुक्त एजाज अनवर और टाटा स्टील UISL के एमडी अतुल भटनागर उपस्थित रहे.
इस अवसर पर इंदर अग्रवाल सहित विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं टाटा स्टील UISL के उपभोक्ताओं ने भी सहभागिता की. इनमें संकोश सिंह, संतोष खटाईन, दीपक डोकानिया और प्रवीण दुगडुगिन शामिल थे.
ई-बिल से अगले 10 वर्षों में पर्यावरण को होगा बड़ा लाभ
ई-बिल सुविधा को अपनाना कागज के उपयोग को कम करने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. पहल के अनुमानों के अनुसार, अगले 10 वर्षों में ई-बिल के उपयोग से लगभग 120 पेड़ों के संरक्षण, करीब 3,00,000 लीटर पानी की बचत, लगभग 12 लाख कागज की शीटों के उपयोग से बचाव तथा अनुमानित 2,600 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिल सकती है.
डिजिटल परिवर्तन और पर्यावरणीय जिम्मेदारी एक-दूसरे के पूरक
इस पहल के माध्यम से टाटा स्टील UISL उपभोक्ताओं को पर्यावरण-अनुकूल आदतें अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ यह संदेश देना चाहता है कि डिजिटल परिवर्तन और पर्यावरणीय जिम्मेदारी एक-दूसरे के पूरक हैं. ई-बिल के निरंतर प्रोत्साहन और वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से संगठन एक हरित, स्वच्छ और टिकाऊ भविष्य के निर्माण की दिशा में सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा दे रहा है.


