
आदित्यपुर: आदित्यपुर नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे ‘विशेष सफाई अभियान’ की कार्यप्रणाली अब सवालों के घेरे में आ गई है। वार्ड संख्या-32 की पार्षद श्रीमती मालती देवी ने निगम के उस कथित “तुगलकी फरमान” पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है, जिसके तहत नियमित सफाई कर्मियों को अचानक वार्डों से हटाकर विशेष अभियान में झोंक दिया गया है। बिना किसी पूर्व सूचना के उठाए गए इस कदम के कारण शुक्रवार, 07 अगस्त की सुबह वार्ड में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और एक भी मजदूर कार्यस्थल पर नहीं पहुँचा।


व्हाट्सएप मैसेज से फरमान, लोकतांत्रिक मर्यादाओं का हनन
पार्षद श्रीमती मालती देवी ने निगम के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि 06 अगस्त की शाम करीब 5:00 बजे केवल एक व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज भेजकर अगले ही दिन मजदूरों को बुला लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह का फैसला लेने से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कम-से-कम दो दिन पहले पत्रांक और दिनांक सहित विधिवत लिखित सूचना दी जानी चाहिए थी। पार्षदों को विश्वास में लिए बिना की गई यह कार्रवाई प्रशासनिक और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के बिल्कुल खिलाफ है।
100 अतिरिक्त मजदूर हैं, तो वार्ड का काम क्यों रोका गया?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल उठाते हुए पार्षद ने पूछा कि जब विशेष सफाई अभियान के लिए नगर निगम ने लगभग 100 अतिरिक्त सफाई मजदूर नियुक्त किए हैं, तो वह अभियान उन्हीं के माध्यम से क्यों नहीं चलाया जा रहा? नियमित वार्डों में काम करने वाले मजदूरों को हटाने का सीधा असर आम जनता पर पड़ा है। नाली जाम, लेट्रिन जाम और सीवर जाम जैसी गंभीर समस्याओं के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जनता मांगती है जवाब, निगम रखे पारदर्शिता
श्रीमती मालती देवी ने कहा कि वार्ड 32 में सफाई कार्य निर्धारित रोस्टर के अनुसार होता है। ऐसे में काम रुकने से नागरिकों को आवश्यक सेवाओं के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ सकता है और स्थानीय जनता इसका जवाब अपने पार्षद से ही मांगती है। उन्होंने नगर निगम प्रशासन को चेतावनी देते हुए मांग की है कि भविष्य में किसी भी विशेष अभियान से पहले पार्षदों को लिखित सूचना दी जाए, नियमित व्यवस्था को बाधित न किया जाए और अत्यावश्यक कार्यों के लिए तुरंत पर्याप्त सफाई मजदूर उपलब्ध कराए जाएँ।


