
रांची। झारखंड राज्य विश्वविद्यालय संविदा शिक्षक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के विश्वविद्यालयों में कार्यरत आवश्यकता आधारित शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं से उन्हें अवगत कराया और मुख्यमंत्री से वार्ता कर समाधान की पहल करने का आग्रह किया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि आवश्यकता आधारित शिक्षक लंबे समय से विश्वविद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी सेवा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। शिक्षकों ने अपनी सेवा नियमित करने की मांग भी रखी।
READ MORE :JAMSHEDPUR NEWS :गौवंश की सेवा केवल धर्म नहीं, संस्कृति और करुणा का सबसे पवित्र प्रतीक : ग्वाल संत गोपालानंद सरस्वती जी महाराज
बिहार की तर्ज पर महंगाई भत्ता देने की मांग
शिक्षकों ने बताया कि पड़ोसी राज्य बिहार में आवश्यकता आधारित शिक्षकों को सहायक प्राध्यापक के बेसिक वेतन के साथ राज्य में लागू महंगाई भत्ता (DA) भी दिया जा रहा है। इसके विपरीत झारखंड में उन्हें केवल बेसिक वेतन मिलने की बात प्रतिनिधिमंडल ने कही।
शिक्षकों के अनुसार, निर्धारित कक्षाओं की संख्या पूरी नहीं होने पर 900 रुपये प्रति कक्षा के हिसाब से राशि में कटौती की जाती है। प्रतिनिधिमंडल ने इस व्यवस्था में बदलाव की मांग भी पूर्व मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।
READ MORE :JAMSHEDPUR NEWS :उत्कल दुर्गा पूजा समिति ने लगाया रक्तदान शिविर, युवाओं और महिलाओं ने किया 40 यूनिट रक्त संग्रह
करीब 10 वर्षों से सेवा के बावजूद नियमितीकरण की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कई आवश्यकता आधारित शिक्षक करीब 10 वर्षों से सेवा दे रहे हैं, लेकिन अभी भी उनकी नौकरी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। शिक्षकों ने अपनी लंबे समय से चली आ रही सेवा और कार्य परिस्थितियों को देखते हुए सेवा नियमित करने की मांग की।
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से बात करने का दिया आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल की मांगों को सुनने के बाद बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वे शिक्षकों के मांगपत्र के आधार पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उनकी समस्याओं से अवगत कराएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिनिधिमंडल को साथ लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात कर समस्याओं के समाधान की दिशा में बातचीत करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल में डॉ. राकेश कुमार पांडेय, डॉ. कमलेश कुमार कमलेन्दू, डॉ. संतोष कुमार, प्रो. अमरेश कुमार और प्रो. रोहित पूर्वे शामिल थे।

