
आदित्यपुर: औद्योगिक नगरी आदित्यपुर की नागरिक सुविधाएं और सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। नगर निगम प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण पूरा शहर एक विशाल कूड़ेदान में तब्दील होता जा रहा है। आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में पिछले करीब 10 दिनों से कचरा उठाव का कार्य पूर्णतः ठप है। सड़कों और मुहल्लों में बजबजाती गंदगी के कारण शहर में भयानक महामारी फैलने की आशंका उत्पन्न हो गई है। इस गंभीर जनसमस्या को लेकर आदित्यपुर के स्थानीय अधिवक्ता ओम प्रकाश ने नगर आयुक्त को एक कड़ा पत्र लिखकर अविलंब कचरा उठाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।


शेरे पंजाब चौक से अस्पताल तक का मुख्य मार्ग बदहाल
सफाई व्यवस्था की विफलता का सबसे शर्मनाक उदाहरण आदित्यपुर का मुख्य और सबसे व्यस्त मार्ग है। शहर के प्रमुख शेरे पंजाब चौक से लेकर आदित्यपुर थाना, स्वास्थ्य केंद्र (अस्पताल), पी.एच.ई.डी. (PHED), बिजली ऑफिस, फॉरेस्ट ऑफिस और दिंडली बाजार को जोड़ने वाला अहम रास्ता इन दिनों गंदगी से बजबजा रहा है। इस अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग के दोनों ओर कूड़े का अंबार लगा हुआ है। विडंबना यह है कि इसी रास्ते पर सरकारी स्वास्थ्य केंद्र भी स्थित है, जहां रोजाना मरीज इलाज के लिए आते हैं। रास्ते से उठने वाली तीखी दुर्गंध और सड़ांध ने राहगीरों, मरीजों और स्थानीय दुकानदारों का जीना मुहाल कर दिया है।
सभी 35 वार्डों का यही है हाल, 10 दिनों से व्यवस्था ठप
कचरा न उठने की यह विकराल समस्या केवल मुख्य मार्ग तक ही सीमित नहीं है। अधिवक्ता ओम प्रकाश द्वारा नगर आयुक्त को लिखे गए पत्र के अनुसार, आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी 35 वार्डों की स्थिति कमोबेश एक जैसी ही है। पिछले 10 दिनों से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन पूरी तरह से बंद है। कॉलोनियों के अंदर नालियां गंदगी से जाम हो चुकी हैं और सड़कों के किनारे कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) की इस विफलता से शहरवासियों में भारी आक्रोश पनप रहा है।
डेंगू-मलेरिया और महामारी फैलने की प्रबल आशंका
लगातार 10 दिनों से जमा हो रहे कचरे और जलभराव के कारण क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह से दूषित हो गया है। मच्छरों और मक्खियों के बढ़ते प्रकोप के कारण डेंगू, मलेरिया, डायरिया और टाइफाइड जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। अधिवक्ता ओम प्रकाश ने नगर आयुक्त को चेतावनी दी है कि यदि इस गंदगी को तुरंत साफ नहीं कराया गया, तो पूरे आदित्यपुर क्षेत्र में महामारी फैल सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
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नगर आयुक्त से अविलंब कार्रवाई की मांग
शहर की इस भयावह स्थिति को देखते हुए अधिवक्ता ओम प्रकाश ने स्थानीय नागरिकों की ओर से नगर आयुक्त से त्वरित कार्रवाई की गुहार लगाई है। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट मांग की है कि नागरिकों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए तुरंत प्रभाव से सफाई कर्मियों को काम पर लगाया जाए और कचरा उठाव की स्थायी व समुचित व्यवस्था की जाए। लोगों का कहना है कि टैक्स देने के बावजूद उन्हें नारकीय जीवन जीने को मजबूर किया जा रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


