
राँची / जमशेदपुर
राजधानी समेतत राज्य भर में आज शाम अस्त होते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया गया। सूर्यापासना के लिए छठव्रती और श्रद्धालु शाम चार-साढ़़े चार बजे से ही छठ घाटों पर पहुंचने लगे थे। छठव्रतियों ने जलाशयों में खड़े होकर भगवान भास्कर की आराधना की। शाम होने पर व्रतियों ने अस्त होते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया और सूर्योपासना कर मनोवांछित फल की कामना की।


राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने राजधानी रांची के हटनिया तालाब में छठव्रतियों के साथ भगवान भास्कर (सूर्य) को अर्घ्य अर्पित किया। वहीं मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने परिजनों के साथ जमशेदपुर में अर्घ्य अर्पित किया। कल सवेरे सूर्योदय पर प्रार्थना के साथ पूजा सम्पन्न होगी।
छठ पर्व को लेकर साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की गयी थी और छठ घाटों तथा रास्तभर में स्वयंसेवी संगठनों और प्रशासन की ओर से आकर्षक विद्य्नुत व्यवस्था की गयी थी। प्रशासन की ओर से सभी छठ तालाबों पर सुरक्षा के इंतजाम किये थे। सुरक्षा के मद्देनजर छठ घाटों पर एनडीआरएफ की टीम को तैनात किया गया था, वहीं छठ घाटों पर महिला और पुरुष पुलिसकर्मी सादे लिबास में तैनात नजर आये।
उपराजधानी दुमका में भी आस्था और विश्वास का महापर्व छठ पूजा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। आकर्षक साज सजावट और विद्युत सज्जा के बीच शहर के तेरह घाटों पर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया गया। कई तालाबों में जल के बीच सूर्य देव की प्रतिमाएँ स्थापित की गयी हैं तथा सुरक्षा के लिए नौका और गोताखोर की व्यवस्था की गयी है। आध्यात्मिक नगरी देवघर में सूर्योपासना का पर्व आध्यात्मिक माहौल में मनाया जा रहा है।
देवघर के शिवगंगा सरोवर, डढ़वा नदी, नावाडीह स्थित अजय नदी घात के अलावा मठबंध जलपार्क, जलस्तर तालाब, और साहेब पखार आदि एक दर्जन से अधिक घाटों पर आज शाम सूर्य को छठव्रतियों द्वारा अर्घ्य देकर सूर्योपासना की गयी।
लातेहार और गोड्डा भी ग्रामीण और शहरी इलाकों में श्रद्धालुओं ने जिले में भी लोक आस्था का महान पर्व पर पूरे छठव्रतियों ने सूर्य को अर्घ्य दिया। विभिन्न छठ घाटों पर हजारों व्रतियों ने सूर्योपासना कर मनोवांछित फल की कामना की।

