
हाजीपुर: पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक डिम्पी गर्ग द्वारा राजेंद्र पुल के समानांतर बने नवनिर्मित पुल से होकर परिचालन प्रारंभ करने के उद्देश्य से चल रहे प्री-एनआई (Pre-NI) कार्य का निरीक्षण किया गया। उन्होंने गढ़हरा एवं दिनकर ग्राम सिमरिया के मध्य चल रहे कट एंड कनेक्शन कार्यों का जायजा लिया। साथ ही, समपार संख्या 2एन.बी. के समीप रिले हट एवं यार्ड रिमॉडलिंग स्थल का भी निरीक्षण किया। महाप्रबंधक ने सभी संबंधित एजेंसियों तथा दानापुर और सोनपुर मंडल की टीमों के साथ चल रहे एनआई कार्यों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सोनपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री अमित सरन एवं दानापुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री विनोद कुमार सहित मुख्यालय, मंडल तथा इरकॉन के अधिकारीगण उपस्थित थे।
नए रेल पुल की प्रमुख विशेषताएं और लाभ
यह नया रेल पुल वर्तमान राजेंद्र पुल के समानांतर एवं पटना छोर की तरफ वर्तमान पुल से 50 मीटर की दूरी पर बनाया गया है। इस पुल पर दोहरी रेल लाइन का निर्माण किया गया है। इस प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- कुल लंबाई: यह प्रोजेक्ट लगभग 15.5 किमी की कुल लंबाई में फैला है, जिसमें गंगा नदी पर 1.9 किमी का मुख्य पुल शामिल है जिसमें 17 स्टील स्पैन हैं तथा 3.6 किमी के रेल वायडक्ट और बड़े पुल शामिल हैं।
- अन्य संरचनाएं: मुख्य पुल के साथ ही 08 लघु पुल, 02 सड़क उपरि पुल तथा 03 रेल ओवर रेल का निर्माण भी किया गया है।
- कनेक्टिविटी: नए पुल की निर्माण योजना इस तरह बनाई गई है कि वर्तमान पुल के एप्रोच में कम से कम परिवर्तन करना पड़े। निर्माणाधीन नए पुल के दोनों छोर के स्टेशन, वर्तमान पुल के दोनों छोर के स्टेशनों से ही जुड़े होंगे—अर्थात उत्तर में स्थित हाथीदह, टाल एवं रामपुर डुमरा स्टेशनों तथा दक्षिण में स्थित राजेंद्रपुल एवं बरौनी स्टेशनों से जुड़े होंगे।
रेल परिचालन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
- बेहतर कनेक्टिविटी: इस पुल से होकर परिचालन प्रारंभ हो जाने से नॉर्थ और साउथ बिहार के साथ ही नॉर्थ-ईस्ट इलाकों के बीच रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी तथा पैसेंजर व मालगाड़ियों के परिचालन में सुधार होगा।
- आर्थिक लाभ: इससे माल ढुलाई के समय और लागत में कमी आएगी, जिससे व्यापार, इंडस्ट्री और जरूरी चीजों की आवाजाही को बड़ा फायदा पहुंचेगा।


