
जमशेदपुर।19 जुलाई


उपायुक्त अमित कुमार ने कहा कि बाढ़-राहत शिवरों में आश्रय लेने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। चूड़ा, गुड़ जैसे खाद्य पदार्थ के पैकेट, पेयजल, बिजली, पंखा, जेनसेट, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की सुचारू व्यवस्था की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रशिक्षण के उपरान्त तैयार किए हुए कर्मियों को ही विभिन्न जगहों पर राहत कार्य हेतु नियोजित किया जाए जहाँ वे ईमानदारी के साथ प्रभावित लोगों को राहत-पहुँचाने की अगुआइ करें। बुधवार को उपायुक्त जिला के अधिकारियों को आने वाले दिनों के दौरान जिला के बाढ़ सम्भावित क्षेत्रों में सर्वोच्च स्तर के एहतियाती कदम उठाने से संबंधित बैठक में बोल रहे थे। अमित कुमार ने उपस्थित पदाधिकारियों को बाढ़ राहत शिविर, बाढ़ से होने वाली बीमारियों से बचाव, साफ-सफाई, प्रचार-प्रसार से संबंधित विस्तृत निर्देश देते हुए सभी में जिम्मेवारी निर्धारित की।
उपायुक्त ने कहा कि बारिश के समय में जमशेदपुर में प्रायः फ्लैश फ्लड की स्थिति उत्पन्न होती है। इस वजह से प्रशासन के पास अनुक्रिया-काल अर्थात लोगों को राहत पहुँचाने के लिए होने वाला समय सीमित होता है। अतः पूर्वानुमान और पूर्व की गहन तैयारी को उन्होंने अनिवार्य बताया। श्री कुमार ने कहा कि चूंकि इस प्रकार की आकस्मिक बाढ़ में पानी की निकासी बहुत तेजी से हो जाती है, और 24-48 घंटे तक ही जल जमाव होता है इसलिए नालों की साफ-सफाई, गाद का निष्कासन अविलम्ब किया जाए। बैठक में ऐसे 24 क्षेत्रों को चिह्नित किया गया जहाँ बाढ़ की बारम्बारिता और संभाव्यता सर्वाधिक है। उपायुक्त ने निर्देश देते हुए कहा कि जैसे ही इन क्षेत्रों में जल का स्तर बढ़ता है तुरन्त नजदीकी राहत शिविरों में लोगों को पहुँचाया जाए। साथ ही पहले से लोगों को जागरूक किया जाए कि वे अपनी कीमती वस्तुए भी सुरक्षित स्थानों पर साथ ले जाएं। इन सभी 24 पाॅकेट्स में सूचना सम्प्रेषण, आसन्न आकस्मिक स्थिति की पूर्व सूचना, राहत शिविरों के साथ टैगिंग का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किए जाने का निर्देश संबंधित अक्षेस पदाधिकारियों को उन्होंने दिया।
उपायुक्त ने सिविल डिफेंस के 4-4 स्वयं सेवकों को प्रत्येक 24 वार्डों में नियोजित करने का निर्देश दिया। साथ ही कल दिनांक-20.07.2017 को रेड क्रास भवन में प्रायोगिक प्रशिक्षण और जे0आर0डी0 टाटा स्पोर्ट्स काॅम्पलेक्स में माॅक प्रशिक्षण आयोजित करने का निर्देश सिविल डिफेंस को दिया। उन्होंने कहा कि गहन प्रशिक्षण से अनुक्रिया काल को कमतर किया जाए। प्रशिक्षण की व्यवस्था अनुमण्डल पदाधिकारी की देखरेख में सम्पन्न कराने का निर्देश उपायुक्त ने दिया। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति से निपटने के लिए गोताखोरों के साथ-साथ स्थानीय मछुआरों की सूची तैयार की जाए जिन्हें मानदेय राशि भी प्रदान की जाए जिससे कि वे ससमय सहायतार्थ उपलब्ध रहें।
उपायुक्त ने कहा कि आर्मी कैम्प, सिविल डिफेंस, जुस्को, रेड क्राॅस, प्रशासन, अक्षेस सभी निकाय अपने पास उपलब्ध संसाधनों की सूची बनाएं जैसे-लाइफ जैकेट लाइफ बोट, जेनसेट रस्सी, टाॅर्च इत्यादि जो कि कन्ट्रोल रूप में भी उपलब्ध रहे। इस केन्द्रीय पूल से राहत कार्य के लिए संसाधनों का उपयोग सुनिश्चित हो। आपात की स्थिति में प्रशासन अथवा राहत-कर्मियों में किसी तरह की अस्त-व्यस्तता न हो यह सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने सोशल मीडिया फोरम का प्रयोग करते हुए वाट्सऐप ग्रुप बनाने का निर्देश दिया जिससे कि संबंधित पदाधिकारियों के बीच सामंजस्य बना रहे और सूचनाओं का त्वरित सम्प्रेषण हो सके। स्वर्णरेखा में नदी जल स्तर की सतत निगरानी के साथ-साथ प्रत्येक 2 घंटे में जल-स्तर की सूचना सम्प्रेषित करने का निर्देश उन्होंने दिया।
स्वास्थ्य विभाग को डेंगू एवं डायरिया से संबंधित जागरूकता शिविर आयोजित करने तथा फाॅगिंग एवं ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव का निर्देश उपायुक्त ने दिया। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग को जल-स्तर के संबंध मे प्रभावी माईकिंग व्यवस्था, राहत शिविरों के फ्लैक्स माध्यम से चिह्नितीकरण से व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने शहरी क्षेत्र में उन जीर्ण-शीर्ण क्षतिप्राय भवनों की पहचान करने का निर्देश दिया जो कि बारिश के दौरान खतरा पैदा कर सकते हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि कंट्रोल रूम साकची में अवस्थित रहेगा और यहीं जिला इमरजेंसी आपरेशन सेंटर कार्यरत होगा यदि कोई स्वयं सहायता समूह राहत कार्य करना चाहते है उनसे सहायता लेने का निर्देश दिया।
उक्त बैठक में डी0डी0सी0 सूरज कुमार , ए0डी0एम0 (विधि-व्यवस्था) सुबोध कुमार , एस0डी0ओ0 धालभूमगढ़ प्रभात कुमार, अक्षेस के पदाधिकारीगण, जिला के अन्य सम्बन्धित पदाधिकारीगण, जुस्को के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे

