
जमशेदपुर।


वर्ष 2012 में सोनारी के सिन्धू-कान्हु बस्ती में झारखंड विकास मोर्चा के नेता टिलू सरदार हत्याकांड मे पाए गए दो दोषियो पिंटू प्रमाणिक और रमेशा प्रमाणिक को कोर्ट नें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। ये फैसला एडीजे -13 के न्यायालय के न्यायाधीश प्रभाकर सिंह ने सुनाया है। इसके अलावे को दस हजार रुपए अर्थ दंड लगाया गया है। अर्थ दंड नही देने पर तीन माहिने का अतिरीक्त सजा भी भुगतना होगा।
उल्लेखनीय है कि सात नवबंर 2012 को तिलो सरदार को सिन्हू-कान्हू बस्ती में बम और गोली मार कर घायल कर दिया गया था। तीन दिनो तक टाटा मुख्य अस्पताल में रहने के बाद टिलू सरदार की मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार यह हत्या वापसी रंजिश के कारण की गई थी। रमेश प्रमाणिक के भाई आशीष प्रमाणिक की हत्या कर दी गई थी। इस मामले मे टिलू सरदार भी आरोपित था। उसी के बदला लेने के उद्देश्य टिलू सरदार की हत्या कर दी गई थी। टिलू सरदार पहले झारखंड मुक्ती मोर्चा में था बाद में वह झारखंड मुक्ति मोर्चा में शामिल हो गया।
गौरतलब है कि ही एडीजे -13 के कोर्ट मे बुधवार को ही दोनो को दोषी ठहराया गया था। सजा की बिंदु पर फैसला आज होना था। उसी के तहत आज सजा सुनाई गई है। हालाकि इसी मामले में एक साक्ष्य के अभाव में करमू प्रमाणिक को बरी कर दिया गया है।

