
भुइयाडीह मंे कलश यात्रा के साथ भागवत कथा का शुभारम्भ
जमशेदपुर। लीला पुरूषोत्तम प्रभु श्री कृष्ण की असीम कृपा से श्री हरि गोविन्द सेवा समिति के तत्वाधान में शुक्रवार से कलश यात्रा के साथ ही साप्ताहिक श्रीमद् भागवत कथा का भुइयाडीह, पटेल नगर, स्लैग रोड़ स्थित प्रीतम मेमोरियल मैदान (डीएभी स्कूल के सामने) में शुभारंभ हुआ। आज सुबह साकची गांधी घाट स्थित स्वर्णरेखा नदी से कलश में जल लेकर कथा स्थल तक शोभा यात्रा निकाली गयी, जिसमें 151 महिलाएं माथे पर जल लेकर कथा स्थल तक पहुंची। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर विधिवत कलश को स्थापित किया गया। शोभा यात्रा में शामिल भक्तों द्धारा लगाये जा रहे राधे-राधे एवं राधा-कृष्ण के जयकारे से भुइयाडीह का पूरा माहौल भक्तिमय हो गया था। कथा के प्रथम दिन शुक्रवार को वृन्दावन से पधारे आचार्य हरि जी महाराज द्धारा व्यासपीठ पर आसीन होकर अपनी भावनात्मक शैली से माहिमा एवं प्रेम प्रसंग कथा का विस्तार से गुणगान करते हुए भागवत कथा का भक्तों को रसस्वादन कराया। आचार्य जी ने आगे कहा कि यह कलयुग नहीं कथा युग हैं। आधुनिक संसाधनों के बीच जहाॅं व्यक्ति आज अशांत होते जा रहा हैं, वही शांति का एक मात्र साधन प्रभू की कथा एवं ईश्वर का गुणगान ही इस कार्यकाल में भगवान की कथा संपूर्ण व्याथा को दूर करती हैं। कलयुग में मनुष्य को वर्षो तक कड़ी तपस्या करने की जरूरत नहीं है सच्चे हृदय से क्षणभर ध्यान करके भी हम भगवान को अपने भक्ति रूपी बंधन में बांध सकते हैं। कलयुग में आयु कम है, इसलिए भागवत कथा श्रवण से मोक्ष प्राप्त कर सकते हैं। भागवत कथा समाज में अतिआवश्यक हैं। भगवान की पूजा अर्चना करनी चाहिए, लेकिन माता-पिता को नहीं भूलना चाहिए। अपराहन 3 बजे से भागवत कथा प्रवचन कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जो सायं 7 बजे तक चला। कथा पर आधारित झांकी भी प्रस्तुत की गयी। मौजूद सभी भक्तों ने कथा का भरपूर आनंद उठाया। प्रथम दिन यजमान के रूप में गोविन्द सरोज, नन्द सिंह, श्रीराम सरोज, दिलीप सिंह, हरि ओम सरोज, डा. एस के तिवारी, महेश कुमार, शांति तिवारी, सविता सिन्हा, हंसा सरोज, श्याम खण्डेलवाल, असीम दास एवं संजय सिंह मौजूद थे।

