
RABI KUMAR JHA

रेल खबर।
अगर आपने Indian Railways में ट्रेन टिकट बुक किया है और Ticket Status में RAC दिख रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। RAC का मतलब होता है Reservation Against Cancellation। यह स्थिति न पूरी तरह कन्फर्म होती है और न ही वेटिंग लिस्ट जैसी अनिश्चित। RAC टिकट में यात्री को यात्रा करने की अनुमति होती है और कन्फर्म होने की भी अच्छी संभावना रहती है।
RAC टिकट का मतलब क्या है?
RAC का सीधा अर्थ है—अगर किसी कन्फर्म टिकटधारी ने यात्रा से पहले टिकट कैंसल कर दी, तो वही सीट RAC वाले यात्री को मिल सकती है। यानी आपकी टिकट चार्ट बनने तक कन्फर्म हो सकती है।
क्या RAC टिकट पर यात्रा कर सकते हैं?
हाँ, RAC टिकट पर यात्रा पूरी तरह वैध होती है। रेलवे RAC यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और सफर करने की अनुमति देता है।
हालांकि, इसमें पूरी बर्थ की गारंटी नहीं होती।
सीट शेयरिंग कैसे होती है?
अक्सर RAC यात्रियों को साइड लोअर बर्थ दी जाती है, जिसे दो यात्री आपस में शेयर करते हैं।
रात में बर्थ को पूरी तरह फैलाया नहीं जाता
बैठकर यात्रा करनी पड़ सकती है
कन्फर्म होने की संभावना कितनी रहती है?
RAC की सबसे बड़ी खासियत यही है कि:
यह Waiting List से बेहतर स्थिति होती है
चार्ट बनने तक कई बार RAC → Confirm हो जाती है
ट्रेन, रूट और सीजन पर कन्फर्मेशन निर्भर करता है
चार्ट बनने के बाद क्या होता है?
चार्ट बनने के बाद:
अगर सीट मिली → टिकट Confirmed
सीट नहीं मिली → RAC पर ही यात्रा
TTE के पास कभी-कभी अतिरिक्त सीट अलॉट करने का अधिकार होता है
RAC टिकट से जुड़ी जरूरी बातें
RAC में ऑटो-कैंसलेशन नहीं होता
पूरा किराया लिया जाता है
यात्रा के दौरान TTE से संपर्क रखना फायदेमंद होता है
यात्रियों के लिए Rail Gyan
अगर आपकी टिकट RAC है तो घबराएं नहीं। यह रेलवे की ऐसी व्यवस्था है जो यात्रियों को यात्रा का मौका जरूर देती है और साथ ही कन्फर्म होने की उम्मीद भी बनाए रखती है। सही प्लानिंग और थोड़े धैर्य के साथ RAC में भी यात्रा आरामदायक हो सकती है।
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