BIHAR ENTERTINMENT – झारखंड की बेटी दिव्य रत्न” की सुरों की मिठास अब बिहार में भी

कला संस्कृति एवं युवा विभाग, (सांस्कृतिक कार्य निदेशालय ),बिहार सरकार,पटना द्वारा वर्चुअल माध्यम से आयोजित प्रतियोगिता में "दिव्य रत्न" एकल गायन प्रस्तुति में चयनित हुई है

0 141

JAMSHEDPUR

दिव्य रत्न” की सुरों की मिठास अब झारखंड के बाद बिहार में भी फैल रही है। कला संस्कृति एवं युवा विभाग, (सांस्कृतिक कार्य निदेशालय ),बिहार सरकार,पटना द्वारा वर्चुअल माध्यम से आयोजित प्रतियोगिता में “दिव्य रत्न” एकल गायन प्रस्तुति में चयनित हुई है और इसे नकद पुरस्कार एवं सम्मान पत्र से सम्मानित किया गया है। “दिव्य रत्न” झारखंड की एकमात्र कलाकार है, जिसे एकल गायन श्रेणी मे यह पुरस्कार मिला है।

गौरतलब है कि इससे पहले झारखंड और जमशेदपुर की बेटी दिव्य रत्न झारखंड लोक संस्कृति उत्सव ऑनलाइन 2021जिसका आयोजन ईस्टर्न जोनल कल्चरल सेंटर ,कोलकाता मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर ,भारत सरकार के द्वारा किया गया , में वोकल में सुश्री दिव्य रत्न के वीडियो का चुनाव हुआ था और उसे ईस्टर्न जोनल कल्चरल सेंटर के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल में डाला गया है।

सुश्री दिव्य रत्न ब्लू बेल्स इंग्लिश हाई स्कूल में सातवीं कक्षा की छात्रा है और संगीत की शिक्षा अपने गुरु श्रीमती मोनिका दत्ता से प्राप्त कर रही है ।
ब्लू बेल्स इंग्लिश हाई स्कूल के चेयरमैन सरदार सुवर्ण सिंह रतन और सचिव श्रीमती किरण कौर ने दिव्य रत्न की सफलता पर हार्दिक बधाई दी है और उसके उज्जवल भविष्य की कामना की है। वहीं स्कूल की प्राचार्य श्रीमती लिपिका चक्रवर्ती ने कहा है कि दिव्य रत्न को आगे बढ़ाने में जो कुछ सहयोग होगा, उसे वह उपलब्ध कराया जाएगा।

सुश्री दिव्य रत्न आकाशवाणी एवं दूरदर्शन की बाल कलाकार भी है ।मात्र 6 साल की उम्र से विभिन्न मंचों में अपने गीत का प्रदर्शन करने लगी है। एक शाम झारखंड पुलिस के नाम, एक्सएलआरआई में आयोजित कार्यक्रम में अपना गीत प्रस्तुत की है। हर हर महादेव संघ में भी उन्होंने अपनी गीत प्रस्तुत की है। साथ ही साथ “आज” संस्था में पिछले 5 वर्षों से लगातार मंच में अपनी प्रस्तुति दे रही है। जिसमें आदरणीय स्वर्गीय बीके लाल जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
इसके अलावा परमहंस लक्ष्मीनाथ गोस्वामी, बिस्टुपुर में अपने ग्रुप में लगातार 4 सालों तक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक रिकॉर्ड बनाई है। लॉकडाउन के कारण 2 वर्षों से वहां कार्यक्रम आयोजित नहीं हो रहा है।

दिव्य रत्न की शुरुआत श्री चित्रगुप्त पूजा समिति, मानगो में पहली बार हुई थी। इसके अलावा श्री चित्रगुप्त पूजा समिति, भालुबासा में भी उन्होंने कार्यक्रम देकर कई पुरस्कार जीते हैं।
दिव्य रत्न ने अपनी प्रस्तुति अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद एवं ललित नारायण मिश्र जयंती समारोह में भी कई बार दी है। इसके अलावा संस्कार भारती द्वारा आयोजित कार्यक्रम तुलसी भवन में भी उन्होंने अपने संगीत से लोगों को झुमाया है। दिव्य रत्न ने लॉकडाउन के दौरान वर्चुअल माध्यम से ऑनलाइन राष्ट्रीय कर्ण कायस्थ महासभा एवं दिल्ली की संस्था मिथिलांगन में भी अपनी शानदार प्रस्तुति दी है ।उन्होंने झारखंड के साथ ही जमशेदपुर का नाम भी रोशन किया है।

Leave A Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More