POSITIVE NEWS  -सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को  अस्पताल या ट्रामा सेंटर पहुंचा कर जीवन बचाने वाले व्यक्ति को मिलेगा 5 हजार पुरस्कार

0 246
BJNN  DESK 

 

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन से हुई जानलेवा दुर्घटना के शिकार व्यक्ति का जीवन बचाने वाले परोपकारी व्यक्ति को पुरस्कृत करने के लिए पारितोषिक योजना प्रारम्भ  की ।  केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) ने ऐसे “परोपकारी व्यक्तियों को पुरस्कृत करने की योजना” के दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिसने किसी मोटर वाहन से हुई जानलेवा दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को तत्काल सहायता प्रदान करके और दुर्घटना के बाद बहुमूल्य समय के भीतर चिकित्सा उपचार प्रदान करने के लिए अस्पताल या ट्रॉमा केयर सेंटर में पहुंचाकर उसका जीवन बचाया हो। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आम जनता को आपातकालीन स्थिति में सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने के लिए प्रेरित करना और सड़क पर संकटग्रस्त जीवन बचाने हेतु दूसरों का मार्गदर्शन करना तथा उनको प्रोत्साहित करना है।

 

कोई भी शख़्स जिसने किसी मोटर वाहन से हुई जानलेवा दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को तत्काल सहायता प्रदान करके और दुर्घटना के बाद बहुमूल्य समय के भीतर चिकित्सा उपचार प्रदान करने के लिए अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाई हो, वह पुरस्कार प्राप्त करने का पात्र होगा। मुसीबत में मदद करने वाले व्यक्ति को एक वर्ष में अधिकतम 5 बार सम्मानित किया जा सकता है।

 

ऐसे नेक इंसानों के लिए पुरस्कार की राशि 5,000/- रुपये प्रति घटना होगी। पुलिस स्टेशन/अस्पताल से सूचना मिलने पर, जिला स्तरीय मूल्यांकन समिति मासिक आधार पर प्रस्तावों की समीक्षा और अनुमोदन करेगी। जिला स्तर पर मूल्यांकन समिति, जिसमें संबंधित क्षेत्र के जिला मजिस्ट्रेट, एसएसपी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, आरटीओ (परिवहन विभाग) शामिल हैं, वे मुसीबत में मदद करने वाले व्यक्ति को भुगतान करने के लिए मामलों को मंजूरी देंगे और संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के परिवहन विभाग को भेजेंगे।

 

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के परिवहन विभाग को परोपकारी व्यक्तियों को भुगतान करने के लिए प्रारंभिक अनुदान के रूप में 5 लाख रुपये प्रदान करेगा। इसके बाद, मंत्रालय मासिक आधार पर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को राशि की प्रतिपूर्ति करेगा।

 

प्रमुख सचिव (गृह) की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय निगरानी समिति, जिसमें आयुक्त (स्वास्थ्य) और एडीजीपी (यातायात एवं सड़क सुरक्षा) सदस्य तथा परिवहन आयुक्त सदस्य सचिव होंगे, योजना के उचित कार्यान्वयन की निगरानी के लिए तिमाही बैठकें करेंगे।

 

हर वर्ष प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की राज्य स्तरीय निगरानी समिति राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारों के लिए तीन सबसे योग्य प्रस्तावों को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को आगे विचार के लिए नामित करेगी। इस उद्देश्य के लिए एमओआरटीएच की एक मूल्यांकन समिति होगी और वह समिति राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा करेगी तथा वर्ष के सर्वश्रेष्ठ दस मुसीबत में मदद करने वाले व्यक्तियों का चयन किया जायेगा। उन्हें दिल्ली में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह (एनआरएसएम) के दौरान एक प्रमाण पत्र तथा ट्रॉफी से सम्मानित किया जाएगा और साथ ही 1,00,000/- रुपये पुरस्कार स्वरुप प्रदान किये जायेंगे

Leave A Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More