
प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में अपने कौशल को प्रदर्शित करने के लिए क्षेत्र से हॉकी प्रतिभाओं को उभारने के एक अद्वितीय मंच के रूप में टूर्नामेंट का होगा आयोजन
जमशेदपुर । टाटा स्टील और टाटा ट्रस्ट के तत्वावधान में पहला नवल टाटा हॉकी कप टूर्नामेंट 5 अप्रैल से 7 अप्रैल, 2019 तक जमशेदपुर में नवल टाटा हॉकी अकादमी (एनटीएचए) द्वारा आयोजित किया जाएगा। इसकी घोषणा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आज की गयी। इस अवसर पर श्री चाणक्य चौधरी, वीपी, सीएस, टाटा स्टील सह चेयरमैन हॉकी ऐस फाउंडेशन, श्री गौतम मुखर्जी, सीईओ, नवल टाटा हॉकी अकादमी और श्री ऋतुराज सिन्हा, चीफ, कॉरपोरेट एडमिन, टाटा स्टील और हॉकी ऐस फाउंडेशन के बोर्ड मेंबर आदि नवल टाटा हॉकी अकादमी के अन्य अधिकारियों के साथ उपस्थित थे।
भारतीय हॉकी के खेल में श्री नवल टाटा के योगदान के सम्मान में इस टूर्नामेंट को ’नवल टाटा हॉकी कप’ नाम दिया गया है। श्री नवल टाटा भारतीय हॉकी संघ के सबसे लंबे समय तक (15 साल, 1946 – 1961) तक सेवा करने वाले प्रेसिडेंट रहे। भारतीय हॉकी टीम ने उनके नेतृत्व में 1948, 1952 और 1956 में तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक जीते।
’नवल टाटा हॉकी कप’, जो कि झारखंड में अपनी तरह का पहला टूर्नामेंट है, में ओडिशा और झारखंड के अंडर -17 ब्वॉयज की टीमें जमशेदपुर के एनटीएचए मैदान में प्रतिस्पर्धा करेंगी। टूर्नामेंट में पुरस्कार राशि भी है।
इस अवसर पर बोलते हुए श्री चाणक्य चौधरी ने कहा, “इस टूर्नामेंट का उद्देश्य क्षेत्र में युवा खिलाड़ियों की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को उजागर करना है। हमने अन्य खेलों के लिए पहले जो किया है, उसी प्रकार हम आशा करते हैं कि एनटीएचए हॉकी खिलाड़ियों को राष्ट्रीय कद प्रदान करने का एक माध्यम बनेगा।
श्री गौतम मुखर्जी ने मीडिया को अपने संबोधन में कहा, ’कैडेट आमतौर पर 13 या 14 वर्ष की आयु से हमारे साथ जुड़ते हैं और 17 वर्ष की आयु तक रहेंगे। इसलिए यह टूर्नामेंट अंडर 17 आयु वर्ग के लिए आयोजित किया जा रहा है।’’
5 अप्रैल को उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि श्री भोलानाथ सिंह, अध्यक्ष हॉकी झारखंड होंगे, जबकि 7 अप्रैल को समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्री आनंद सेन, प्रेसिडेंट, टीक्यूएम ऐंड स्टील बिजनेस, टाटा स्टील होंगे और श्री हरेंद्र सिंह, एक्स-कोच, इंडिया मेंस हॉकी टीम गेस्ट ऑफ ऑनर होंगे।
एनटीएचए के तकनीकी निदेशक श्री फ्लोरिस बोवेलेंडर टूर्नामेंट के तकनीकी निदेशक के रूप में कार्य करेंगे।



