
पटना। बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए आह्वान फाउंडेशन ने ‘बिहार बाढ़ राहत 2026’ अभियान शुरू करने की घोषणा की है। फाउंडेशन का लक्ष्य राज्य के 14 जिलों में करीब 20,000 बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता पहुंचाना है।
अभियान के तहत बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल भोजन, राशन और स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध कराने की योजना है। फाउंडेशन के अनुसार, राहत अभियान में 20,000 राशन किट, 5,000 सूखा खाद्य सामग्री किट और 4,000 मेडिकल किट वितरित किए जाने हैं।
14 जिलों में 56 स्थानों पर राहत कार्य
आह्वान फाउंडेशन के मुताबिक, अब तक बिहार के 14 जिलों में 56 स्थानों पर राहत कार्य किया जा चुका है। पटना, हाजीपुर, आरा, सुपौल, फतुहा, बलिया, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, खगड़िया, कटिहार और अरवल समेत अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाई जा रही है।
फाउंडेशन का कहना है कि राहत सामग्री को प्रभावित परिवारों की तत्काल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य बाढ़ के कारण भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं से वंचित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है।
‘प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा होना जिम्मेदारी’
आह्वान फाउंडेशन के CEO एवं संस्थापक ब्रजा किशोर प्रधान ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के सामने सिर्फ तत्काल भोजन और स्वास्थ्य की समस्या नहीं होती, बल्कि घर, आजीविका और जरूरी सामान के नुकसान का असर लंबे समय तक रहता है।
उन्होंने कहा कि जब लोग अपने घर और आजीविका खो देते हैं, तब उनके साथ खड़े होकर भोजन और स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराना संगठन की जिम्मेदारी है। फाउंडेशन का प्रयास है कि राहत पाने वाले परिवारों को यह भरोसा मिले कि मुश्किल समय में वे अकेले नहीं हैं।
स्थानीय समुदाय और CSR भागीदारों के साथ राहत कार्य
फाउंडेशन के अनुसार, आपदा राहत अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय समुदायों, स्वयंसेवकों और CSR भागीदारों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि समन्वित तरीके से राहत सामग्री का वितरण करने से अधिक से अधिक प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाई जा सकती है।
आह्वान फाउंडेशन ने कॉरपोरेट संस्थानों से भी आपदा राहत प्रयासों में सहयोग की अपील की है। फाउंडेशन के मुताबिक, CSR के माध्यम से जमीनी स्तर पर राहत गतिविधियों को मजबूत करने और अधिक परिवारों तक सहायता पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
राहत के साथ पुनर्वास पर भी जोर
आह्वान फाउंडेशन का कहना है कि प्रभावी आपदा प्रबंधन केवल राहत सामग्री बांटने तक सीमित नहीं है। प्रभावित समुदायों की वास्तविक जरूरतों को समझना, स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय करना और लोगों में सुरक्षा एवं सम्मान की भावना को मजबूत करना भी राहत कार्य का हिस्सा है।
‘बिहार बाढ़ राहत 2026’ अभियान के जरिए फाउंडेशन तत्काल भोजन, आवश्यक सामग्री और स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने के साथ बाढ़ प्रभावित परिवारों की स्थिति में सुधार और पुनर्वास की दिशा में योगदान देने का प्रयास कर रहा है।


