
पटना: राज्य के आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा खाद्य प्रतिष्ठानों के नियमित निरीक्षण, नमूना संग्रहण और ताबड़तोड़ कार्रवाई का अभियान लगातार जारी है。 स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा टीमों द्वारा विभिन्न जिलों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच की जा रही है。
12 जिलों में 26 निरीक्षण, 652 खाद्य नमूने संग्रहित (
इसी क्रम में अरवल, गोपालगंज, रोहतास, बेगूसराय, गया, मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सहरसा, सारण, सीवान और वैशाली सहित 12 जिलों में कुल 26 निरीक्षण किए गए。अभियान के तहत 21 सितंबर 2026 तक कुल 652 खाद्य नमूने संग्रहित किए जा चुके हैं。निरीक्षण के दौरान जो खाद्य सामग्री मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई या अनुपयुक्त थी, उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की गई。इस दौरान कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में खराब तेल, दूध, पनीर और मिठाइयों को मौके पर ही नष्ट कराया गया。
गया और भागलपुर में प्रतिष्ठानों पर शिकंजा
जांच के दौरान कई नामी प्रतिष्ठानों में कमियां मिलने पर सख्त कदम उठाए गए हैं:
गया: पिंड बलूची फ्रेंचाइजी ओवन, आई. राय काशी नाथ मोड़, स्वराजपुरी रोड का निरीक्षण किया गया。 किचन की स्वच्छता, हाइजीन, पेयजल की रासायनिक जांच और फूड हैंडलर्स के मेडिकल रिकॉर्ड में कमी मिलने पर FSSAI अधिनियम की धारा 32 के तहत सुधार नोटिस जारी किया गया है और 14 दिनों के भीतर कमियां दूर करने का अल्टीमेटम दिया गया है。 तय समय में सुधार नहीं होने पर लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी गई है。
भागलपुर: कावेरी स्वीट्स (मनाली चौक) का निरीक्षण कर पेड़ा और पनीर के दो नमूने लिए गए, जहां लाइसेंस डिस्प्ले बोर्ड पर नहीं पाया गया。 इसके अलावा मनाली फूड्स (आर.बी.एस.आर. रोड) से धनिया और जीरा के दो नमूने लेकर संचालकों को स्वच्छता व सैनिटेशन के कड़े निर्देश दिए गए。

