
जमशेदपुर।


कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने देश में चल रहे भयंकर चीन विरोधी माहौल को दर किनार कर आईसीआईसीआई बैंक द्वारा चीन के पीपल्स बैंक द्वारा निवेश लिए जाने पर सख़्त एतराज़ जताते हुए आईसीआईसीआई बैंक की कड़ी आलोचना की है । कैट ने कहा की भारतीय बैंकिंग प्रणाली में पैठ बनाने की कोशिश में चीनी बैंक का यह दूसरा उदाहरण है । पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने इस साल की शुरुआत में एचडीएफसी बैंक में निवेश किया था। कैट ने वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीथरामन से आग्रह किया की आईसीआईसीआई और एचडीएफसी बैंक दोनों को चीनी बैंक का निवेश वापस करने का निर्देश दिया जाए ।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल और राष्ट्रीय सचिव सुरेश सोन्थलिया ने कहा कि इससे यह स्पष्ट प्रतीत होता है कि चीन ने भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में घुसपैठ करने के लिए एक सुनियोजित रणनीति तैयार की है जबकि देश का बैंकिंग सेक्टर काफी अच्छी तरह से विनियमित है और देश के वित्तीय स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। भले ही सरकार ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेश की जांच करने के लिए एक पॉलिसी बनाई थी लेकिन चीन से आने वाले धन को नियंत्रित करने के लिए रिज़र्व बैंक की ओर से अभी तक कुछ भी ठोस कदम नहीं उठाए गए है।
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बीसी भरतिया ने कहा है कि भारत के बैंकिंग क्षेत्र में चीन के इस अचानक निवेश से पूरे बैंकिंग क्षेत्र और भारतीय रिज़र्व बैंक के लिए एक मजबूत खतरे की घंटी है ।भारत के बैंकिंग क्षेत्र का संरक्षण किसी भी विदेशी निवेश के आक्रमण से बचने का करना बहुत ज़रूरी है और चीन की इस भयावह रणनीति पर नजर रखना भी आवश्यक है जो लंबे समय में राष्ट्र के लिए हानिकारक हो सकता है। निश्चित रूप से वर्तमान निवेश छोटा हो सकता है लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यह चीन की रणनीति का एक हिस्सा है। भारत को चीनी सामानों के निर्यात के मामले में, चीन ने भारत में केवल 2 बिलियन डॉलर के निर्यात के साथ 2001 में पहला साल शुरू किया, जो कि 2019 में 7o बिलियन डॉलर तक बढ़ गया है जो 3500 प्रतिशत की वृद्धि है ।
दोनों नेताओं ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से इस पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेने और चीन की योजनाओं को विफल करने और बैंकिंग प्रणाली की संप्रभुता की रक्षा करने के लिए एक नीतिगत ढाँचा तैयार करने का आग्रह किया है, साथ ही आरबीआई को तुरंत आवश्यक कदम उठाने की सलाह देने का भी आग्रह किया है

