मतलब की दुनियादारी देख ली सांचों मेरो श्याम….
जमशेदपुर। श्री श्री साकची शिव मंदिर एवं श्री श्याम परिवार का 30वाॅं श्री श्री श्याम महोत्सव शुक्रवार को काफी धूमधाम से मनाया गया। यह धार्मिक अनुष्ठान साकची बाजार शिव मंदिर में आयोजित हुआ। महोत्सव को लेकर पूरे मंदिर परिसर समेत पुष्पो से सुज्जित श्याम बाबा का विशाल दरबार सजाया गया था। श्याम बाबा के प्रति आस्था व निष्ठा होने के कारण दूसरे शहर से भी काफी संख्या में भक्तगण आये थे।
दोपहर 2 बजे से विराट शोभा (निशान) यात्रा मंदिर परिसर से निकली। जिसमें 1100 से अधिक भक्त श्याम नाम की ध्वजा (निशान) लिए शामिल थे, लेकिन महिलाओं की संख्या अधिक थी। निशान यात्रा का शुभारंभ साकची शिव मंदिर में पूजा अर्चना के बाद बाबा के जयकारे से हुई, जो साकची पलंग मार्केट चैक, शहीद चैक, बड़ा गोलचक्कर चैक, स्टेट माइल रोड़ से काशीडीह होते हुए वापस मंदिर पहुॅच कर बाबा श्याम को निशान अर्पित किया गया। शोभा (निशान) यात्रा के दौरान बाबा श्याम के भजन और देश भक्ति गीत समेत भक्तों द्धारा लगाये जा रहे जय श्री श्याम, शीश के दानी, हारे का सहारा के जयघोष पूरे रास्ते गूंजता रहा। बाबा श्याम का सजा हुआ दरबार के आगे भक्तों सफाई करते हुए फूल बिछाये जा रहे थे। शोभा यात्रा में सबसे आगे दो घोड़े पर सवार दो बच्चे और उसके पीछे दो ब़ड़े ध्वजा एक बाबा श्याम और दूसरा हनुमान जी का लिये भक्त चल रहे थे। राधा-कृष्ण और हनुमान जी की झांकी देखते ही बन रही थी। शोभा यात्रा के दौरान साकची श्याम के रंग में रंगा और पूरा महौल भक्तिमय हो गया था।
दोपहर 2 बजे से विराट शोभा (निशान) यात्रा मंदिर परिसर से निकली। जिसमें 1100 से अधिक भक्त श्याम नाम की ध्वजा (निशान) लिए शामिल थे, लेकिन महिलाओं की संख्या अधिक थी। निशान यात्रा का शुभारंभ साकची शिव मंदिर में पूजा अर्चना के बाद बाबा के जयकारे से हुई, जो साकची पलंग मार्केट चैक, शहीद चैक, बड़ा गोलचक्कर चैक, स्टेट माइल रोड़ से काशीडीह होते हुए वापस मंदिर पहुॅच कर बाबा श्याम को निशान अर्पित किया गया। शोभा (निशान) यात्रा के दौरान बाबा श्याम के भजन और देश भक्ति गीत समेत भक्तों द्धारा लगाये जा रहे जय श्री श्याम, शीश के दानी, हारे का सहारा के जयघोष पूरे रास्ते गूंजता रहा। बाबा श्याम का सजा हुआ दरबार के आगे भक्तों सफाई करते हुए फूल बिछाये जा रहे थे। शोभा यात्रा में सबसे आगे दो घोड़े पर सवार दो बच्चे और उसके पीछे दो ब़ड़े ध्वजा एक बाबा श्याम और दूसरा हनुमान जी का लिये भक्त चल रहे थे। राधा-कृष्ण और हनुमान जी की झांकी देखते ही बन रही थी। शोभा यात्रा के दौरान साकची श्याम के रंग में रंगा और पूरा महौल भक्तिमय हो गया था।खाटू श्याम के भजनों पर झूम उठे भक्त
रात 9 बजे से देर रात प्रभु ईच्छा तक भजनों की अमृत वर्षा हुई। आमंत्रित भजन गायक जयपुर के कुमार गिरीराज और उमा लहरी ने मधुर भजनों की अमृत वर्षा कर भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। भजनों के दौरान राधा‘कृष्ण की झांकी भी आकर्षण का केन्द्र बनी रही। स्थानीय भजन गायक कृष्णामूर्ती ने मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे….. से भजन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। भजन गायकों ने नैना ने सुरतिया तेरी बहुत सतावें रे…., श्याम तेरे एहसान भूले न भूले…., सुन ले कन्हैया आरजी हमारी…., फंसी भंवर में मेरी नैया…., मतलब की दुनियादारी देख ली सांचों मेरो श्याम…., करूणमयी कृपामयी श्यामामयी राधा मयी…., हंसा के क्यों रे रूलाया रे…., सर पे चढ़ा सबके खुमार…., उपर वाला बैठा सब देख रहा…. आदि एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए।
ध्वजा एवं अखंड ज्योत की पूजा
ध्वजा पूजन शुक्रवार की सुबह 11 बजे रूकमणी-कैलाश खंडेलवाल, उषा-उमेश साह, पिंकी-सुनील संघाई, छेदीलाल अग्रवाल, अमित साह, अमन खेमका एवं ऋषभ मूनका ने संयुक्त रूप से किया। संध्या 8.30 बजे अखंड ज्योत की पूजा मंजु-नरेश खंडेलवाल ने की। पूजा विधिवत् रूप से शिव मंदिर के पुजारी हरिकांत पांडेय एवं शिव कुमार बनर्जी ने करायी और सभी भक्तांे को रक्षा सूत्र बांधा।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण
महोत्सव का मुख्य आकर्षण क्रमशः ध्वजा पूजन, विराट शोभा (निशान) यात्रा, आलौकिक श्रृंगार, छप्पन भोग, अखण्ड ज्योत, विशाल संकीर्तन एवं नृत्य नाटिका रहा।
विशाल भंडारा आज
शनिवार 16 फरवरी को दोपहर 12.30 बजे से विशाल भंडारा का आयोजन होगा, जिसमें पांच हजार से अधिक भक्त प्रसाद ग्रहण करेंगें।
इनका रहा योगदान
इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में प्रमुख रूप से सुभाष साह, उमेश साह, सुरेश अग्रवाल, बबलू अग्रवाल, मोहित साह, तुषार जिंदल, अमर अग्रवाल, बजरंग लाल अग्रवाल, गिरधारी लाल खेमका, महेश अग्रवाल, कमलेश चैधरी, पवन खेमका, नरेश अग्रवाल एवं महेश अग्रवाल, शंकर लाल अग्रवाल, श्याम सुंदर मूनका, मोहित मूनका, अंकित मूनका, मनोज कुमार अग्रवाल, ऋषभ मूनका, शुभम देबुका, सी एल गोठवाल, अमित साह, विक्की अग्रवाल, अक्षय अग्रवाल, अभय नरेड़ी, अमन खेमका समेत श्याम परिवार के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।



