
माननीय झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश और राज्य सरकार के निर्देशों के आलोक में सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने राजनगर प्रखंड का व्यापक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने रूंगटा माइन्स प्राइवेट लिमिटेड के चालियामा स्टील प्लांट, संभावित दुर्घटना स्थलों (ब्लैक स्पॉट), भारी वाहनों की पार्किंग व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला अभिनव प्रकाश और जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।
सड़कों पर नहीं होगी भारी वाहनों की पार्किंग, लगेंगे चेक पोस्ट
समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में सार्वजनिक सड़कों पर भारी वाहनों की पार्किंग नहीं होनी चाहिए। इसके लिए संस्थान और संबंधित विभाग को नियमित निगरानी रखने को कहा गया है। यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से रूंगटा माइन्स को दो स्थानों पर यातायात चेक पोस्ट स्थापित करने का निर्देश दिया गया है ताकि वाहनों की नियमित मॉनिटरिंग हो सके।
दुर्घटना नियंत्रण के लिए कड़े सुरक्षा मानक
संस्थान प्रबंधन को सड़क सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने, आपातकालीन सेवा के लिए एंबुलेंस और फायर वाहन को सदैव एक्टिव मोड में रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त:
संभावित दुर्घटना क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट और हाई मास्ट लाइट लगाई जाएगी।
बड़े आकार के चेतावनी एवं दिशा-सूचक साइन बोर्ड लगाए जाएंगे।
राष्ट्रीय राजमार्ग-220 के कार्यपालक अभियंता को रंबल स्ट्रिप, ज़ेबरा क्रॉसिंग और संकेतक लगाने का निर्देश दिया गया है।
सड़कों के किनारे अतिक्रमण कर बनाई गई दुकानों को नियमानुसार हटाया जाएगा।
ड्रंक एंड ड्राइव की होगी नियमित जांच
सड़क सुरक्षा के प्रयासों की सतत निगरानी के लिए जिला स्तर पर एक विशेष टीम गठित की जाएगी। जिला परिवहन पदाधिकारी और यातायात निरीक्षक को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने तथा ‘ड्रंक एंड ड्राइव’ की जांच चलाने के निर्देश दिए गए हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चालियामा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सुधरेगी व्यवस्था
उपायुक्त ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चालियामा का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों, एएनएम और स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति, दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दुर्घटना के शिकार और गंभीर मरीजों के त्वरित उपचार तथा बेहतर रेफरल सिस्टम बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।



