
टाटा-काण्ड्रा-सरायकेला मार्ग पर एक बार फिर रफ्तार और लचर ट्रैफिक व्यवस्था का खूनी खेल देखने को मिला। रविवार देर रात सरायकेला विद्युत विभाग में कार्यरत 24 वर्षीय युवक गुरु सरदार की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। गुरु सरदार अपनी ड्यूटी खत्म कर बाइक से घर लौट रहा था। इसी दौरान सरायकेला डीसी (DC) कार्यालय से कुछ ही दूरी पर सड़क किनारे खड़े एक अनियंत्रित ट्रेलर से उसकी बाइक की भीषण टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

प्रशासनिक मुख्यालय के सामने खड़ी ‘मौत’: आखिर जिम्मेदार कौन?
इस हादसे ने जिला प्रशासन की मुस्तैदी और सड़क सुरक्षा के दावों की पोल खोलकर रख दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुर्घटनास्थल के पास एक खराब (ब्रेकडाउन) ट्रेलर बिना किसी रिफ्लेक्टर, इंडिकेटर या सुरक्षा साइनेज के बीच सड़क के बेहद करीब खड़ा था। रात के अंधेरे और कम रोशनी के कारण गुरु सरदार को सड़क किनारे खड़ा भारी वाहन दिखाई नहीं दिया और यह भीषण हादसा हो गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह लापरवाही किसी सुदूर इलाके में नहीं, बल्कि जिले के सबसे वीवीआईपी क्षेत्र यानी उपायुक्त (DC) कार्यालय के ठीक सामने देखने को मिली।
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‘ब्लैक स्पॉट’ बनता टाटा-काण्ड्रा-सरायकेला मार्ग, हर साल जा रही सैकड़ों जानें
यह कोई पहली घटना नहीं है जब इस मार्ग ने किसी घर का चिराग बुझाया हो। टाटा-काण्ड्रा-सरायकेला मार्ग अब हादसों का कॉरिडोर बनता जा रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस रूट पर हर साल दर्जनों लोग अपनी जान गंवाते हैं। सड़क किनारे भारी वाहनों की अवैध पार्किंग, बेकाबू रफ्तार और नो-पार्किंग जोन में ट्रकों का जमावड़ा इस सड़क पर आम बात हो चुकी है। पुलिस और परिवहन विभाग की सुस्ती के कारण आज यह सड़क आम राहगीरों के लिए काल साबित हो रही है।
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अब कागजी जांच नहीं, लापरवाह अधिकारियों पर हो सख्त कार्रवाई
हर हादसे के बाद प्रशासन की ओर से चंद दिनों की सख्ती और जांच का ढोंग रचा जाता है, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी रहती है। गुरु सरदार की मौत केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था द्वारा की गई हत्या है। अब स्थानीय जनता प्रशासन से केवल शोक संवेदना नहीं, बल्कि इस घोर लापरवाही पर सीधी जवाबदेही मांग रही है। जब तक बिना साइनेज के सड़कों पर गाड़ियां खड़ी करने वाले चालकों और उन्हें मूकदर्शक बनकर देखने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक मौत का यह सिलसिला नहीं थमेगा।


