
सरायकेला-खरसालां।
जिले में नशे के बढ़ते अवैध कारोबार और युवा पीढ़ी को खोखला कर रहे ड्रग माफियाओं के खिलाफ पुलिस ने एक निर्णायक जंग छेड़ दी है। इसी कड़ी में सरायकेला पुलिस को एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) निधि द्विवेदी के कड़े निर्देश पर कपाली ओपी क्षेत्र में की गई एक बड़ी छापेमारी में भारी मात्रा में ब्राउन शुगर बरामद की गई है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से तीन कुख्यात तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जब्त की गई इस ब्राउन शुगर की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 16 लाख 50 हजार रुपये आंकी जा रही है, जो इस क्षेत्र में नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।
गुप्त सूचना के आधार पर कपाली ओपी क्षेत्र में छापेमारी
इस पूरे घटनाक्रम और पुलिस की कामयाबी का खुलासा करते हुए एसपी निधि द्विवेदी ने प्रेस वार्ता में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 6 मई को पुलिस को एक बेहद पुख्ता और गुप्त सूचना मिली थी कि कपाली ओपी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बंधुगोड़ा स्थित इम्तियाज खान के मकान में बड़े पैमाने पर नशे का काला कारोबार संचालित किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित प्रभाव से एक विशेष छापामार टीम का गठन किया गया। इस टीम ने बिना कोई समय गंवाए रणनीतिक कार्रवाई करते हुए उक्त मकान की घेराबंदी की और सघन छापेमारी अभियान चलाया।
82.80 ग्राम ब्राउन शुगर और 679 पुड़िया बरामद
पुलिस टीम जब मकान के अंदर पहुंची तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। गहन तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से कुल 82.80 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की, जिसे फुटकर में बेचने के लिए 679 छोटी-छोटी पुड़ियों में पैक करके रखा गया था। इस भारी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी से यह साफ हो गया कि यह गिरोह कितने बड़े स्तर पर इलाके में मादक पदार्थों की सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से तीन तस्करों—महाराज अली, असगर अली और शबनम प्रवीन—को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि ये तीनों शातिर आरोपी इम्तियाज खान के मकान में किराएदार बनकर रह रहे थे और इसी सुरक्षित ठिकाने की आड़ में अपने नशे के सिंडिकेट और नेटवर्क को बेखौफ चला रहे थे।
आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास और जेल रवानगी
गिरफ्तार किए गए ड्रग तस्करों में से महाराज अली का पुराना और लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, महाराज अली पहले से ही आरआईटी (RIT) थाना क्षेत्र के एक गंभीर मामले में वांछित (वांटेड) अपराधी था और पुलिस काफी समय से उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों की बायोमेट्रिक जांच और फिंगरप्रिंटिंग सहित सभी अनिवार्य कानूनी और कागजी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। इसके पश्चात तीनों तस्करों को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायिक हिरासत (जेल) भेज दिया गया है।
फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज खंगालने में जुटी पुलिस
एसपी के अनुसार, यह कार्रवाई केवल इन तीन तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहने वाली है। सरायकेला पुलिस अब इस पूरे ड्रग्स सिंडिकेट की जड़ तक पहुंचने के लिए गहराई से जांच कर रही है। पुलिस टीम इस गिरोह के ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज’ को खंगालने में पूरी मुस्तैदी से जुट गई है। इसका मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि इतनी भारी मात्रा में ब्राउन शुगर की खेप कहां से और किसके जरिए लाई गई थी और इसे किन-किन लोकल पैडलर्स या ग्राहकों तक पहुंचाया जाना था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस काले कारोबार के पीछे किन सफेदपोशों का हाथ है, ताकि इस पूरे अवैध नेटवर्क को जड़ से नष्ट किया जा सके।


