
सरायकेला-खरसावां
जिले में अवैध खनन और बिना उचित अनुमति के संचालित हो रहे ईंट भट्टों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी और सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। उपायुक्त नितीश कुमार सिंह के कड़े निर्देशों के बाद जिला खनन विभाग पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। जिले के बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और सरकारी राजस्व के भारी नुकसान को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार सघन औचक निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में खनन विभाग की स्पेशल टीम ने आदित्यपुर और नीमडीह थाना क्षेत्रों में एक बड़ी छापेमारी की, जिससे पूरे इलाके के ईंट भट्टा संचालकों और खनन माफियाओं में भारी हड़कंप मच गया है।
आदित्यपुर और नीमडीह में खनन विभाग का औचक निरीक्षण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला खनन विभाग की टीम ने पुख्ता गुप्त सूचना और एक सुदृढ़ प्रशासनिक रणनीति के तहत आदित्यपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मौजा कुलुपटांगा एवं आनंदपुर (बनडीह) और नीमडीह थाना क्षेत्र के अंतर्गत मौजा सिरका में चल रहे विभिन्न ईंट भट्टा इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। इस महत्वपूर्ण छापेमारी का मुख्य उद्देश्य यह जाँचना था कि क्या ये औद्योगिक इकाइयां अनिवार्य सरकारी मानकों और पर्यावरण नियमों का सही ढंग से पालन कर रही हैं, तथा क्या वे राज्य सरकार को उचित राजस्व का नियमित भुगतान कर रही हैं। यह कदम पर्यावरण संरक्षण और राजस्व वृद्धि दोनों दृष्टिकोण से उठाया गया है।
कुलुपटांगा और आनंदपुर में भारी अनियमितताएं और अवैध उत्खनन
गहन निरीक्षण के दौरान विभागीय टीम को कई चौंकाने वाली और गंभीर अनियमितताएं मिलीं। जब टीम मौजा कुलुपटांगा एवं आनंदपुर (बनडीह) पहुंची, तो वहां दो ईंट भट्टा इकाइयां पूरी तरह से संचालित अवस्था में पाई गईं। मौके पर की गई जांच के क्रम में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि इन दोनों इकाइयों द्वारा बिना किसी वैध अनुमति के भारी मात्रा में मिट्टी खनिज का अवैध उत्खनन किया गया है और उसे बड़े पैमाने पर भंडारित करके रखा गया है। वहीं, मौजा कुलुपटांगा में ही एक अन्य ईंट भट्टा इकाई निरीक्षण के समय बंद अवस्था में पाई गई। अवैध रूप से मिट्टी के व्यापक खनन और अवैध भंडारण को लेकर टीम ने मौके पर ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली है।
दस्तावेजों की जांच और संचालकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई
अवैध उत्खनन और नियमों के इस खुले उल्लंघन के मामले को प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। संचालित पाई गई दोनों इकाइयों के खिलाफ खनन विभाग ने सख्त कानूनी कदम उठाए हैं। विभागीय प्रावधानों और खनन अधिनियम के कड़े नियमों के तहत इन दोनों ईंट भट्टा संचालकों को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) और भारी जुर्माने का मांगपत्र निर्गत करने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। दूसरी ओर, मौजा सिरका स्थित ईंट भट्टा इकाई के मामले में संबंधित संचालक ने खुद खनन विभाग के कार्यालय में उपस्थित होकर राजस्व संबंधी आवश्यक और वैध अभिलेख प्रस्तुत किए, जिसकी विभाग द्वारा बारीकी से जांच की जा रही है।
उपायुक्त नितीश कुमार सिंह का अल्टीमेटम: जीरो टॉलरेंस की नीति
इस पूरी प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर उपायुक्त नितीश कुमार सिंह ने अधिकारियों को बेहद स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि जिले के किसी भी हिस्से में खनिजों के अवैध उत्खनन, अवैध भंडारण और बिना चालान के परिवहन जैसी गैरकानूनी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी गतिविधियों पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाने के लिए उन्होंने संबंधित विभागों को सतत निगरानी (Continuous Monitoring) रखने और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सबसे कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का सख्त आदेश दिया है। प्रशासन की इस त्वरित और कड़़ी कार्रवाई से यह कड़ा संदेश गया है कि जिले में अवैध कारोबारियों के खिलाफ अब सिर्फ और सिर्फ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।



