
जमशेदपुर।


जमशेदपुर(पुर्वी) के निर्दलीय विधायक सरयू राय ने कहा है कि खुंटी के पत्थरगड़ी के मामले में मूख्यमंत्री हेमत सोरेन के द्रारा केस वापसी लिए जाने के फैसला जल्दबाजी में लिया गया फैसला है। इस प्रकार के अपराधिक या गैरकानूनी काम को सोच विचार पर गुण दोष के आधार पर केस वापस लेना चाहिए। सरयू राय जमशेदपुर स्थित अपने आवास में पत्रकारों बातचीत कर रहे थे। उन्होने कहा कि सरकार के कह देने से केस वापस नही हो जाता है। सरकार की घोषणा के साथ ही मामला कोर्ट में जाएगा । सरकार के पीपी तो कोर्ट मे जाकर कह देगे कि हम केस वापस ले रहे है। हालाकि इस मामले में जो भी फैसला लेना है। सरकार के घोषणा के बाद भी इस मामले में जो भी अंतिम फैसला कोर्ट को ही करना है।
उन्होने कहा कि आरोपियो के केस वापसी की घोषणा के पूर्व मुख्यमंत्री हेंमत सोरेन को पूरे मामलें की जांच करा लेनी चाहिए। इस मामले में जो भी दोषी है उस पर कानूनी कार्रवाई करना चाहिए जो दोषी नही है वैसे लोगो से केस हटा लेना चाहिए। उन्होने कहा कि इस प्रकार को समास्य़ा को बलपूर्वक दबाया नही जा सकता है बलपूर्वक दबाने से चिंगारी तो रहेगी है। और इस प्रकार के कांड होते रहेगे। उन्होने कहा कि हमे इसके लिए समाधान खोजने की जरुरत है।आखिर लोगो लोगो को हमारे संविधान में भरोसा क्यो नही है। उनकी मनोवृती को हमे समझना होगा।तभी समस्या का समाधान हो सकता है।उन्होने कि उनकी समस्या का समाधान के लिए अभी तक किसी ने भी पहल नही की है।

