
27 मई 2026 — ईचागढ़ अंचल के सोड़ो पंचायत भवन परिसर में चांडिल बालूघाट (समूह-A), निविदा संख्या–01/2025 के संबंध में ग्राम सभा आयोजित की गई। यह सभा पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) झारखंड नियमावली, 2025 के उपबंध-30 के तहत संपन्न हुई। बैठक में जिला खनन पदाधिकारी, सरायकेला-खरसावां उपस्थित रहे।

नियमावली पर जानकारी और उद्देश्य
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जिला खनन पदाधिकारी ने उपबंध-30 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी और ग्राम सभा से परियोजना पर अपना मंतव्य प्रस्तुत करने का आग्रह किया। उपस्थित ग्रामों में सोड़ो-जारगोडीह, पुरानडीह, सोड़ो-बीरडीह और बामुनडीह के ग्राम प्रधान व ग्राम सभा सदस्य शामिल थे।
प्रमुख चिंताएँ और चर्चा के बिंदु
ग्राम सभा में चर्चा का केंद्र स्थानीय रोजगार, पर्यावरणीय प्रभाव और पारंपरिक जीवन शैली पर उत्खनन के प्रभाव रहे। सामुदायिक प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से भारी मशीनरी के उपयोग को सीमित रखने और स्थानीय श्रमिकों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। अन्य मुख्य बिंदु थे घाट से स्टॉकयार्ड तक परिवहन व्यवस्था और सामाजिक-सांस्कृतिक सहयोग।
प्रस्तावित शर्तें
ग्राम प्रधानों एवं ग्राम सभा सदस्यों द्वारा सफल डाकवक्ता Goquest Solutions के समक्ष जो शर्तें रखी गईं, उनमें प्रमुख हैं:
भारी मशीनरी के उपयोग से परहेज़; मानव श्रम को प्राथमिकता देना।
घाट से स्टॉकयार्ड तक बालू परिवहन स्थानीय ट्रैक्टरों द्वारा सुनिश्चित करना।
कंपनी द्वारा सामाजिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक आयोजनों में सहभागिता करना।
उत्खनन क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और पुनर्स्थापन/रीहैबिलिटेशन के उपाय लागू करना।
Goquest Solutions की सहमति और आगे की कार्यवाही
Goquest Solutions ने ग्राम सभा के सामने रखी शर्तों पर सहमति व्यक्त की और लिखित रूपरेखा प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया। ग्राम सभाओं ने शर्तों के पालन के उपरांत बालू घाटों में उत्खनन के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी। आगे जिला खनन पदाधिकारी और कंपनी मिलकर शर्तों के अमल का प्रारूप तैयार करेंगे।
प्रभाव और अपेक्षाएँ
यह निर्णय स्थानीय समुदाय के लिए सकारात्मक माना जा रहा है क्योंकि इसमें रोजगार सृजन के साथ-साथ पारंपरिक जीवन और पर्यावरण की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया कि विकास तभी स्वीकार्य होगा जब वह समुदाय के हितों और पारिस्थितिकी के साथ संतुलित हो।


