
सरायकेला: पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से बुधवार को सरायकेला के हाथीमारा गांव में एक बड़े स्तर पर पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पर्यावरण पहल, सुरदीव खादी ग्रामोद्योग आयोग एवं गौ सेवा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। इस विशेष अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का दृढ़ संकल्प लिया।
## विकास की अंधी दौड़ से भविष्य पर मंडरा रहा खतरा
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, खादी ग्रामोद्योग आयोग के पूर्व सदस्य मनोज कुमार सिंह ने पर्यावरण के प्रति गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज विकास की दौड़ में आंख मूंदकर पेड़ों की कटाई की जा रही है और उनके स्थान पर कंक्रीट के बड़े-बड़े भवन एवं कारखाने बनाए जा रहे हैं।
- उन्होंने चेतावनी दी कि विकास की यह अंधी दौड़ हमारे भविष्य को अंधकारमय कर देगी।
- आज देश के बड़े-बड़े शहरों में लोग जल संकट से जूझ रहे हैं, और आने वाले समय में यह संकट और विकराल रूप ले सकता है।
- जलवायु परिवर्तन के कारण कहीं वर्षा की कमी हो रही है तो कहीं बाढ़ आ रही है, साथ ही लोग विभिन्न प्रकार की सांस संबंधी बीमारियों से भी ग्रसित हो रहे हैं। इन परिस्थितियों से बचाव का एकमात्र प्रभावी उपाय पर्यावरण संरक्षण ही है।
मनोज कुमार सिंह ने जोर देकर कहा, “हम पर्यावरण से बहुत कुछ ले रहे हैं, लेकिन उसे वापस देना भूलते जा रहे हैं। हमारी यही भूल आने वाले समय में सबसे बड़ी चुनौती साबित होगी।” उन्होंने कहा कि यदि हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को विरासत में कुछ देना है, तो एक सुंदर, स्वच्छ एवं स्वस्थ धरती से बेहतर कोई उपहार नहीं हो सकता।
## मिट्टी और जल स्रोतों का संरक्षण भी जरूरी
स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सहपर्यावरण प्रमुख बंदेशंकर सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल पौधारोपण ही काफी नहीं है, बल्कि मिट्टी का सुपोषण, जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाना और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक के उपयोग से पूरी तरह परहेज करने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की।
कार्यक्रम में विषय प्रवेश एवं स्वागत भाषण सुरदीव खादी ग्रामोद्योग आयोग एवं गौ सेवा ट्रस्ट के मनोज सिन्हा ने किया। इस दौरान अमित मिश्रा, डा. अनिल राय, संगीता श्रीवास्तव, सरोज सिन्हा, जयप्रकाश सिंह, गुरजीत सिंह, अभिषेक बजाज एवं देव कुमार सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।


