
सरकार नहीं चेती तो आंदोलन होगा तेजः शारदा देवी
आदित्यपुर। पूरे देश में संविधान बचाओ-देश बचाओ मोर्चा के आह्लान घोषित भारत बंद का असर जोरदार असर सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर में देखा गया। यहां एससी-एसटी, ओबीसी समन्वय समिति की ओर से बंदी को सफल बनाने को लेकर जोरदार रैली निकाली गई। रैली में समिति से जुड़े विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक दलों से नेताओं के साथ बड़ी संख्या में एससी-एसटी, ओबीसी वर्ग के लोग शामिल थे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सह समिति के अध्यक्ष खिरोद सरदार के अलावा राजद झारखंड प्रदेश की नेता श्रीमित शारदा देवी, राजद नेता पुरेन्द्र नारायण सिंह समेत अन्य लोग रैली का नेतृत्व कर रहे थे। यह रैली टाटा-कांड्रा रोड के आदित्यपुर आकाशवाणी चौक होते हुए विभिन्न जगहों से गुजरी। इस दौरान रैली में शामिल लोगों ने जोरदार नारेबाजी की। उनका कहना था कि केन्द्र सरकार एक साजिश के तहत शिक्षण संस्थानों में 13 प्वाइंट रोस्टर के तहत बहाली करने जा रही है। इससे देश का दबा कुचला, एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग प्रभावित होगा। वहीं, वर्ष 2006 में आदिवासियों को वन भूमि का पट्टा दिया गया था। सरकार इसे भी हटाकर आदिवासियों को वन से हटाने का काम कर रही है। इसका हर स्तर पर विरोध करने का निर्णय लिया गया। रैली के नेतृत्वकर्ताओं ने कहा कि आज की असरदार बंदी को देखते हुए सरकार को चेत जाना चाहिए। बावजूद इसके सरकार नहीं चेतती है और एससी-एसटी एवं ओबीसी को उनका संवैधानिक अधिकार नहीं मिलता है तो यह आंदोलन आनेवाले दिनों में काफी तेज होगा। हालांकि, यह एक देशव्यापी आंदोलन है। इसलिए इसे लेकर संविधान बचाओ-देश बचाओ मोर्चा जो निर्णय लेगी उसी के अनुसार आंदोलन की आगे की रणनीति तय होगी। रैली में राजद, बसपा, कम्युनिस्ट पार्टी माले के अलावा जेएनयू, डीयू शिक्षक संघ एवं विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग भी शामिल थे। इस दौरान राजद झारखंड प्रदेश की नेता श्रीमति शारदा देवी ने कहा कि सरकार को हर हाल में एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग को उनका संवैधानिक अधिकार देना होगा। यदि समाज के दबे-कुचले और पिछड़े वर्ग को न्याय नहीं मिलेगा तो आनेवाले दिनों में आंदोलन और तेज होगा। रैली में कांग्रेस नेता सुरेशधारी, राजद नेता देव प्रकाश देवता, रामाशीष राम, पूर्व डीएसपी सरयू पासवान, नायकी हेम्ब्रम, सुशील मंडल, पार्षद पांडी मुखी, कमलेश दास, यदुनंदन राम, भरत राम, सीताराम रजक, दुर्गा राम बैठा, रामबली बैठा, जीतू रजक, उमाशंकर राम, महेश राम, योगेन्द्र राम, रवि रजक, प्रमोद रजक, आरए राम, ए कुमार, बीरेन्द्र, एसके यादव, जेएन राम, आरके राम, महेन्द्र प्रसाद यादव, कमलेश कुमार राम, अभय कुमार, सीयाराम, रामजी शर्मा, शिव शंकर समेत समिति से जुड़े लोग भारी संख्या में लोग शामिल थे



