
सरायकेला। विस्थापित मुक्ति वाहिनी ने पूर्व घोषित जन-जल सत्याग्रह का आयोजन आज चाण्डिल बांध के नौका विहार स्थल पर किया जिसमे विभिन्न गांव के विस्थापित शामिल हुए,ज्ञात हो कि चाण्डिल बांध के अधीक्षण अभियंता कार्यालय के सामने 12सुत्री मांग पत्र के पक्ष मे धरना दिया गया था और उसी दिन विमुवा की ओर से यह घोषणा की गई थी कि अगर सितम्बर 2019 तक स्थानीय समस्या का निराकरण एंव नीतिगत बिंदुओ पर ठोस पहल नहीं की जाती है तो महात्मा गांधी की 150वां जंयती व विश्व अहिंसा दिवस के अवसर पर जन-जल सत्याग्रह किया जायेगा ,आज का सत्याग्रह इसी पृष्टभूमि मे संपन्न हुआ, पुनर्वास स्थलो का सीमांकन, विस्थापितो को पुनर्वास स्थलो पर आंवटित आवासीय भूखंडो का कानूनी मालिकाना 2003एंव 2012की पुनर्वास नीति को पुर्ण अनुपालन,कतज्ञता पैकेज एंव चाण्डिल जलाश्य के पानी एंव जलकर पर विस्थापितो का हिस्सा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया, विमुवा ने कहा है कि अगर हमारी मांगो को माना नहीं गया तो नव वर्ष 2020 मे अनिश्चितकालीन सत्याग्रह प्रारंभ किया जायेगा सत्याग्रह स्थल पर पुनर्वास पदाधिकारी बिपिन भगत एंव चाण्डिल बांध के सहायक अभिंयता राजीव गाडी ने आकर विमुवा कार्यकर्ताओ को आश्वस्त किया कि जल्द ही सभी पुनर्वास स्थलो के सीमांकन की प्रक्रिया प्रारंभ की जायेगी, उन्होने यह भी कहा कि कानूनी मालिकाना देने के लिए उच्च स्तरीय पहल की आवश्यकता है, विमुवा प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही अपनी मांग पत्र के साथ प्रशासक से मिलना तय किया है। कार्यक्रम मे उपस्थित कपूर बागी, बासदेव आदित्यदेव, देबेन महतो, कार्तिक महतो, सिलू सारना, किरण वीर, सुदामा हेम्ब्रम, नारायण गोप, श्यामल मार्डी,अरविंद अजुम, जगदीश सरदार,गोविद सरदार, सनातन मार्डी, सुकेन्दर हेम्ब्रम, छुटु हेम्ब्रम, प्यारी लाल मांझी, आदि सैकडो लोग प्रमुख रूप से शामिल थे।।।



