कोशी नदी में जल बृद्धि को लेकर उत्पन्न हुआ खतरा
महेंद्र प्रसाद, सहरसा
नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है, डुमरी स्थित बीपी मंडल सेतु के समीप बने नौका पुल (जुगाड़ पुल) के एप्रोच पथ को डूबना में महज एक फीट की दूरी शेष रह गई है। जुगाड़ पुल के एप्रोच पथ पर खतरा उत्पन्न होने से किसानों में चिंता व्याप्त है। लोगों में चर्चा इस बात की है कि अब जबकि नौका पुल को खोलने की स्थिति बनती जा रही है, ऐसे में लोगों के परिचालन का माध्यम क्या होगा। लोग इस बात से सशंकित हैं कि एक बार फिर नाव का ही सहारा लोगों को लेना होगा।
नौका पुल डुमरी घाट होकर मंगलवार को परिचालन जारी रहा। जलस्तर में लगभग एक फीट की कमी आने के बाद स्थिति में थोड़ा बदलाव आया है। नौका पुल के एप्रोच पथ पर पानी का दवाब कमा है। परंतु, कब तक परिचालन जारी रहेगा यह कोसी के जलस्तर पर निर्भर करता है। मालूम हो कि कोसी-बागमती नदी के संगम पर अवस्थित क्षतिग्रस्त बीपी मंडल सेतु के बगल में तात्कालिक रूप से परिचालन बहाल करने को लेकर कोसी के कारीगरों ने नौका पुल(जुगाड़ पुल) का निर्माण किया। इस पुल होकर 5 फरवरी से परिचालन आरंभ हुआ। परंतु, मई के तीसरे सप्ताह में कोसी-बागमती के जलस्तर में वृद्धि होने के उपरांत इस पुल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। यहां यह बताते चलें कि सोमवार को नदी के जलस्तर में हुई एक फीट की वृद्धि बाद एप्रोच पथ पर पानी का अत्यधिक दबाव था। नाविकों और मजदूरों ने दिन-रात एक कर एप्रोच पथ को बचाने का काम किया। इधर, मंगलवार को नदी के जलस्तर में एक फीट की कमी आने से तत्काल एप्रोच पथ सुरक्षित




