39वें स्थापना दिवस पर लखनऊ समेत पूरे देश- विदेश के 5000 से भी ज्यादा स्थानों पर एकसाथ लोकार्पण
संवाददाता
जमशेदपुर/ आदित्यपुरः सहारा इंडिया परिवार के मुखिया सुब्रत रॉय सहारा द्वारा लिखी गई पुस्तक ’’लाईफ मंत्रास’’ का सोमवार को भव्य लोकार्पण हुआ. पूरे देश भर में फैले 5000 से भी अधिक संस्थानों के अलावा विदेशों में भी सहारा के संस्थानों पर इस पुस्तक की भव्य लोकार्पण की गई.’’ लाईफ मंत्रास ’’ सहाराश्री सुब्रत रॉय द्वारा लिखी जा रही ’’´चिन्तन तिहाड़ से ’’ पुस्तकत्रयी श्रृंखला की तीन पुस्तकों में से पहली पुस्तक है. आम लोगों के लिए यह पुस्तक सभी पुस्तक केन्द्रों, सभी ऑनलाइन पोर्टलों एवं ई- बुक के रूप में भी उपलब्ध है. सहारा सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के अनुसार इसी श्रृखला में आगे आनेवीली पुस्तकें ’’ थिंक विद मी- हाउ टू मेक अवर कंट्री आइडियल तथा ’’रिफ्लेक्शन फ्रॉम तिहाड़- ए बुक ऑन तिहाड़ जेल’’ का लोकार्फण भी शीघ्र ही किया जाएगा.
पुस्तक के अंशः
’’लाईफ मंत्रास’’ सहारा इंडिया परिवार के मैनेजिंग वर्कर और चेयरमैन सुब्रत रॉय सहारा द्वारा लिखा गया एक गहन शोध प्रबंधन है, जिसमें उनके जीवन भर के अनुभवों, अवलोकनों तथा आम लोगों की दिन- प्रतिदिन की समस्याओं पर उनके नजरिये का प्रस्तुतीकरण हुआ है. इस पुस्तक में सुब्रत रॉय सहारा ने मनुष्यों में निहित मूल प्रवृत्तियों से जुड़े मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक पहलुओं का इतने सुंदर एवं विस्तृत ढंग से वर्णण किया है कि सर्वशक्तिमान द्वारा मनुष्य को प्रदत्त जीवन के नैसर्गिक सौन्दर्य के इस दिव्य रहस्य से आम व्यक्ति आसानी से अवगत हो सकें. वे अपने प्राकथन में लिखते हैं- ’’इस पुस्तक को पढ़ लेने के बाद आप निश्चित रूप से पूरे विश्वास के साथ महसूस करेंगे कि जीवन में शांति, सच्चा सुख, प्रसन्नता, आत्मसंतोष और संतुष्टि पाने तथा भौतिक उपब्धियों, सम्मान और प्यार के मामले में निरंतर प्रगतिशील बने रहने के लिए भी आपको इस दुनिया में किसी अन्य पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है. यह केवल आप पर निर्भर करता है. सब आपके अपने हाथों में है.’’ बकौल सहाराश्री जैसे- जैसे आप इन लाईफ मंत्रास की प्रभावशाली ऊर्जा में डूबते जाएंगे आपके अपने अंदर धीरे- धीरे एक बदलाव, एक संतोष- भावना और आत्म प्रेरणा रा अनुभव होता दिखाई देगा. आपको इस परम सच्चाई की अनुभूति हो जाएगी कि जीवन यात्रा वास्तव में एक अत्यंत सुखद और उज्वल अनुभव से परिपूर्ण है.
सहाराश्री एक आदर्श व्यक्तित्वः
गौरतलब है कि सहारा इंडिया परिवार के 12 लाख से भी अधिक सहकर्मियों के गौरवान्वित अभिभावक होने के साथ- साथ सुब्रत रॉय सहारा एक महान चिन्तक, एक शिक्षक और एक मार्गदर्शक भी हैं. जीवन पर उनके अनोखे औऱ गैरपरंपरागत सूक्ष्म एवं प्रभावकारी दर्शन ने वैश्विक ख्याति प्राप्त की है एवं लोगों का ध्यान आकर्षित किया है. अनेक विश्वप्रसिद्ध संस्थानों जैसे हारवर्ड स्कूल ऑफ बिजनेस, यूएसए, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भारतीय प्रबंधन संस्थान और बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय उन्हें अपने शिक्षकों एवं छात्रों को संबोधित करने के लिए भी आमंत्रित कर चुके हैं. साथ ही सहाराश्री स्वयं अनेक प्रतिष्ठित अवार्डों से नवाजे जा चुके हैं इनमें से प्रमुख है पॉवरब्रैंड्स हॉल इन लंदन (यूके) में ’इंडियन बिजनेस आईकॉन ऑफ द ईयर’ , यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट लंदन द्वारा ’डॉक्टर ऑफ बिजनेस’ (मानद) औऱ सबसे बड़ी डिग्री ललितनारायण मिथिला विश्वविद्यालय बिहार द्वारा प्रदत्त ’डी. लिट् की मानद उपाधि शामिल हैं. वर्तमान में सुब्रत रॉय सहारा बाजार नियामक सेबी के साथ चल रहे विवाद के कारण सर्वोच्च न्यायालय की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में हैं.
जमशेदपुर रीजन कार्यालय के अन्तर्गत पड़नेवाले सहारा के सभी कार्यालयों पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों के गणमाण्य अतिथिय़ों की की मौजूदगी में इस पुस्तक की भव्य लोकार्पण की गई. इस मौके पर जमशेदपुर रीजन के प्रमुख मो. तनवीर ने 39वें स्थापना दिवस के मौके पर पुस्तक के लोकार्पण किए जाने को संस्था के लिए गौरवशाली क्षण बताया. उन्होंने बताया कि यह देशभर के 12 लाख से भी अधिक कार्यकर्ताओं के लिए ऐतिहासिक क्षण है. इस मौके पर जमशेदपुर सेक्टर प्रमुख राजीव कुमार, टाटानगर के सेक्टर प्रमुख शशि श्रीवास्तव, मानगो एफसी गार्जियन तापस कुमार रॉय, बारीडीह एफसी गार्जियन रंजीत कुमार, आदित्यपुर शाखा प्रबंधक राजकुमार पाठक, गोविन्दपुर एफसी गार्जियन राजेश सिन्हा, चाईबासा सेक्टर प्रमुख जयंत कुमार श्रीवास्तव, गम्हरिया एफसी गार्जियन संजय कुमार रॉय, हाता एफसी गार्जियन दिलीप शर्मा, बारीगोड़ा एफसी गार्जियन जितेन्द्र कुमार, चंडिल एफसी गार्जियन राधेश्याम प्रसाद के अलावा फील्ड वरिष्ठ सुरेश प्रसाद, अनिल झा, मिथिलेश झा, झुमुकलाल, जॉयदेव दास, सुधीर कुमार सिन्हा, बीएस दुबे, ऋषी पांडेय, समर कुमरा दास, भवेश मिश्रा, बृजराज राय, एमडी जहांगीर, विश्वनाथ मार्डी, रमेश हांसदा, तरूण कुमार, तुषार कान्त मल्लिक विनय कुमार, रवि मित्रा, समेत काफी संख्या फील्ड एवं ऑफिस के कार्यकर्ता एवं शहर के प्रबुद्ध लोग उपस्थित थे.
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