
राँची:

जगरनाथपुर मौसीबाड़ी क्षेत्र से लापता हुए पांच वर्षीय अंश कुमार और चार वर्षीय अंशिका कुमारी को राँची पुलिस ने रामगढ़ जिले के चितरपुर से सकुशल बरामद कर लिया है। दोनों बच्चों के सुरक्षित मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली है, वहीं यह मामला झारखंड पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया है।
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3 जनवरी को दर्ज हुई थी प्राथमिकी
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए तदाशा मिश्रा ने बताया कि बच्चों के पिता सुनील कुमार ने 3 जनवरी को धुर्वा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बच्चों के अचानक लापता होने से इलाके में दहशत और चिंता का माहौल बन गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया।
विशेष जांच टीम का गठन
ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम बनाई गई। इस टीम में सिटी एसपी पारस राणा, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह समेत कुल 48 पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया। टीम ने एक साथ जमीनी और तकनीकी दोनों स्तर पर जांच शुरू की।
सीसीटीवी से लेकर तकनीकी निगरानी तक
डीजीपी मिश्रा ने बताया कि जांच आसान नहीं थी। पुलिस ने 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और 5,000 से ज्यादा वाहनों की जांच की। संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण कर उन्हें दूसरे राज्यों में हुई इसी तरह की घटनाओं से जोड़कर जांच की गई।
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12 राज्यों तक फैला तलाशी अभियान
अंश और अंशिका की तलाश में पुलिस की टीमें ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत कुल 12 राज्यों में भेजी गईं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के जरिए लगातार आम जनता से सहयोग मांगा गया। प्रति बच्चे दो लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया, जिसके बाद पुलिस को प्रतिदिन 1,000 से अधिक सूचनात्मक कॉल मिलने लगीं।
ड्रोन, डॉग स्क्वॉड और ह्यू एंड क्राई नोटिस
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और हाट-बाजारों में पोस्टर लगाए गए। ड्रोन कैमरों और डॉग स्क्वॉड की मदद से सघन खोज अभियान चलाया गया। सीआईडी के माध्यम से पूरे देश में ह्यू एंड क्राई नोटिस जारी किया गया। कई बाल संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने भी इस अभियान में अहम भूमिका निभाई।
डीजीपी का बयान
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा,
“यह सफलता केवल पुलिस की मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि समाज और परिवार की एकजुटता का भी नतीजा है। बच्चों की मुस्कान ही हमारे लिए सबसे बड़ा इनाम है।”


