रांची।
झारखंड की राजधानी रांची स्थित मंत्रालय में आज एक भावुक माहौल देखने को मिला, जब चतरा एयर एंबुलेंस क्रैश में जान गंवाने वाले मृतकों के आश्रितों ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। पीड़ित परिवारों ने अपना दुख साझा करते हुए मुख्यमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें राज्य सरकार की ओर से आश्रितों के लिए सरकारी नौकरी और उचित आर्थिक मुआवजे की मांग की गई है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिया यथोचित मदद का भरोसा
मंत्रालय में हुई इस अहम मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मृतकों के परिजनों की बातों को बेहद आत्मीयता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने इस हृदयविदारक हादसे पर गहरी संवेदना प्रकट करते हुए शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी सहानुभूति जताई। परिजनों की मांग पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें यह भरोसा दिलाया है कि राज्य सरकार इस भयंकर दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है और नियमानुसार उन्हें हर संभव और यथोचित मदद प्रदान की जाएगी। इस भावुक मौके पर राज्य सरकार के कई मंत्री और उच्चाधिकारी भी मौजूद रहे।
मुलाकात में शामिल हुए हादसे के पीड़ित परिजन
मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में एयर एंबुलेंस हादसे में जान गंवाने वाले मृतक संजय कुमार के बड़े भाई विजय कुमार और मृतक ध्रुव कुमार के पिता दिनेश प्रसाद सहित अन्य परिजन मुख्य रूप से उपस्थित थे। परिजनों ने सरकार से गुहार लगाई है कि घर के सदस्यों के अचानक चले जाने से उनके सामने भविष्य का गहरा संकट खड़ा हो गया है, ऐसे में सरकारी नौकरी और मुआवजा ही उनके जीवनयापन का एकमात्र सहारा है।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुआ था यह दर्दनाक हादसा?
गौरतलब है कि यह दिल दहला देने वाला हादसा इसी साल 23 फरवरी 2026 को हुआ था। बर्न इंजरी (आग से झुलसने) के गंभीर मरीज संजय कुमार को बेहतर और उच्चस्तरीय इलाज के लिए एयर एंबुलेंस के जरिए रांची से नई दिल्ली ले जाया जा रहा था। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद, जैसे ही एयर एंबुलेंस चतरा जिले के आसमान पर पहुंची, उसमें भयानक तकनीकी खराबी आ गई और वह क्रैश हो गई। इस भीषण हादसे में एयर एंबुलेंस में सवार सभी लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
हादसे में गई थी 7 लोगों की जान, पसरा था मातम
चतरा के पास हुए इस खौफनाक एयर एंबुलेंस हादसे में कुल 7 लोगों की जान चली गई थी। मृतकों में मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना देवी, उनका भांजा ध्रुव कुमार, मरीज की देखभाल के लिए गए डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता, पैरामेडिक स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा, मुख्य पायलट विवेक विकास भगत और को-पायलट स्वराजदीप सिंह शामिल थे। इस घटना के बाद पूरे मेडिकल जगत के साथ-साथ झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई थी। अब इन सभी मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली मदद का बेसब्री से इंतजार है।



